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अन-निसा आयत ७४ | An-Nisa 4:74

So let fight
فَلْيُقَٰتِلْ
पस चाहिए कि जंग करें
in
فِى
अल्लाह के रास्ते में
(the) way
سَبِيلِ
अल्लाह के रास्ते में
(of) Allah
ٱللَّهِ
अल्लाह के रास्ते में
those who
ٱلَّذِينَ
वो जो
sell
يَشْرُونَ
बेच देते हैं
the life
ٱلْحَيَوٰةَ
ज़िन्दगी
(of) the world
ٱلدُّنْيَا
दुनिया की
for the Hereafter
بِٱلْءَاخِرَةِۚ
बदले आख़िरत के
And whoever
وَمَن
और जो कोई
fights
يُقَٰتِلْ
जंग करे
in
فِى
अल्लाह के रास्ते में
(the) way
سَبِيلِ
अल्लाह के रास्ते में
(of) Allah
ٱللَّهِ
अल्लाह के रास्ते में
then he is killed
فَيُقْتَلْ
फिर वो क़त्ल कर दिया जाए
or
أَوْ
या
achieves victory
يَغْلِبْ
वो ग़ालिब आ जाए
then soon
فَسَوْفَ
पस अनक़रीब
We will grant him
نُؤْتِيهِ
हम देंगे उसे
a reward
أَجْرًا
अजर
a great
عَظِيمًا
बहुत बड़ा

Falyuqatil fee sabeeli Allahi allatheena yashroona alhayata alddunya bialakhirati waman yuqatil fee sabeeli Allahi fayuqtal aw yaghlib fasawfa nuteehi ajran 'atheeman

Muhammad Faruq Khan Sultanpuri & Muhammad Ahmed:

तो जो लोग आख़िरत (परलोक) के बदले सांसारिक जीवन का सौदा करें, तो उन्हें चाहिए कि अल्लाह के मार्ग में लड़े। जो अल्लाह के मार्ग में लड़ेगी, चाहे वह मारा जाए या विजयी रहे, उसे हम शीघ्र ही बड़ा बदला प्रदान करेंगे

English Sahih:

So let those fight in the cause of Allah who sell the life of this world for the Hereafter. And he who fights in the cause of Allah and is killed or achieves victory – We will bestow upon him a great reward.

1 | Suhel Farooq Khan/Saifur Rahman Nadwi

पस जो लोग दुनिया की ज़िन्दगी (जान तक) आख़ेरत के वास्ते दे डालने को मौजूद हैं उनको ख़ुदा की राह में जेहाद करना चाहिए और जिसने ख़ुदा की राह में जेहाद किया फिर शहीद हुआ तो गोया ग़ालिब आया तो (बहरहाल) हम तो अनक़रीब ही उसको बड़ा अज्र अता फ़रमायेंगे

2 | Azizul-Haqq Al-Umary

तो चाहिए कि अल्लाह की राह[1] में वे लोग युध्द करें, जो आख़िरत (परलोक) के बदले सांसारिक जीवन बेच चुके हैं और जो अल्लाह की राह में युध्द करेगा, वो मारा जाये अथवा विजयी हो जाये, हम उसे बड़ा प्रतिफल प्रदान करेंगे।