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تَكَادُ تَمَيَّزُ مِنَ الْغَيْظِۗ كُلَّمَآ اُلْقِيَ فِيْهَا فَوْجٌ سَاَلَهُمْ خَزَنَتُهَآ اَلَمْ يَأْتِكُمْ نَذِيْرٌۙ  ( الملك: ٨ )

It almost
تَكَادُ
क़रीब है कि
bursts
تَمَيَّزُ
वो फट जाए
with
مِنَ
ग़ज़ब से
rage
ٱلْغَيْظِۖ
ग़ज़ब से
Every time
كُلَّمَآ
जब भी
is thrown
أُلْقِىَ
डाली जाएगी
therein
فِيهَا
उसमें
a group
فَوْجٌ
कोई जमाअत
will ask them
سَأَلَهُمْ
पूछेंगे उनसे
its keepers
خَزَنَتُهَآ
निगरान उनके
"Did not
أَلَمْ
क्या नहीं
come to you
يَأْتِكُمْ
आया था तुम्हारे पास
a warner?"
نَذِيرٌ
कोई डराने वाला

Takadu tamayyazu mina alghaythi kullama olqiya feeha fawjun saalahum khazanatuha alam yatikum natheerun (al-Mulk 67:8)

Muhammad Faruq Khan Sultanpuri & Muhammad Ahmed:

ऐसा प्रतीत होगा कि प्रकोप के कारण अभी फट पड़ेगी। हर बार जब भी कोई समूह उसमें डाला जाएगा तो उसके कार्यकर्ता उनसे पूछेंगे, 'क्या तुम्हारे पास कोई सावधान करनेवाला नहीं आया?'

English Sahih:

It almost bursts with rage. Every time a company is thrown into it, its keepers ask them, "Did there not come to you a warner?" ([67] Al-Mulk : 8)

1 Suhel Farooq Khan/Saifur Rahman Nadwi

बल्कि गोया मारे जोश के फट पड़ेगी जब उसमें (उनका) कोई गिरोह डाला जाएगा तो उनसे दारोग़ए जहन्नुम पूछेगा क्या तुम्हारे पास कोई डराने वाला पैग़म्बर नहीं आया था