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bismillah
تَبَٰرَكَ
बहुत बाबरकत है
ٱلَّذِى
वो जो
بِيَدِهِ
उसी के हाथ में है
ٱلْمُلْكُ
बादशाहत
وَهُوَ
और वो
عَلَىٰ
ऊपर
كُلِّ
हर
شَىْءٍ
चीज़ के
قَدِيرٌ
ख़ूब क़ुदरत रखने वाला है

Tabaraka allathee biyadihi almulku wahuwa 'ala kulli shayin qadeerun

बड़ा बरकतवाला है वह जिसके हाथ में सारी बादशाही है और वह हर चीज़ की सामर्थ्य रखता है। -

Tafseer (तफ़सीर )
ٱلَّذِى
वो जिसने
خَلَقَ
पैदा किया
ٱلْمَوْتَ
मौत
وَٱلْحَيَوٰةَ
और ज़िन्दगी को
لِيَبْلُوَكُمْ
ताकि वो आज़माए तुम्हें
أَيُّكُمْ
कौन तुम में से
أَحْسَنُ
ज़्यादा अच्छा है
عَمَلًاۚ
अमल में
وَهُوَ
और वो
ٱلْعَزِيزُ
बहुत ज़बरदस्त है
ٱلْغَفُورُ
बहुत बख़्शने वाला है

Allathee khalaqa almawta waalhayata liyabluwakum ayyukum ahsanu 'amalan wahuwa al'azeezu alghafooru

जिसने पैदा किया मृत्यु और जीवन को, ताकि तुम्हारी परीक्षा करे कि तुममें कर्म की दृष्टि से कौन सबसे अच्छा है। वह प्रभुत्वशाली, बड़ा क्षमाशील है। -

Tafseer (तफ़सीर )
ٱلَّذِى
वो जिसने
خَلَقَ
पैदा किए
سَبْعَ
सात
سَمَٰوَٰتٍ
आसमान
طِبَاقًاۖ
ऊपर तले
مَّا
नहीं
تَرَىٰ
तुम देखोगे
فِى
तख़लीक़ में
خَلْقِ
तख़लीक़ में
ٱلرَّحْمَٰنِ
रहमान की
مِن
कोई ख़लल
تَفَٰوُتٍۖ
कोई ख़लल
فَٱرْجِعِ
फिर लौटाओ
ٱلْبَصَرَ
निगाह को
هَلْ
क्या
تَرَىٰ
तुम देखते हो
مِن
कोई शिगाफ़
فُطُورٍ
कोई शिगाफ़

Allathee khalaqa sab'a samawatin tibaqan ma tara fee khalqi alrrahmani min tafawutin fairji'i albasara hal tara min futoorin

जिसने ऊपर-तले सात आकाश बनाए। तुम रहमान की रचना में कोई असंगति और विषमता न देखोगे। फिर नज़र डालो, 'क्या तुम्हें कोई बिगाड़ दिखाई देता है?'

Tafseer (तफ़सीर )
ثُمَّ
फिर
ٱرْجِعِ
लौटाओ
ٱلْبَصَرَ
निगाह को
كَرَّتَيْنِ
बार-बार
يَنقَلِبْ
लौट आएगी
إِلَيْكَ
तेरी तरफ़
ٱلْبَصَرُ
निगाह
خَاسِئًا
ज़लील हो कर
وَهُوَ
और वो
حَسِيرٌ
थकी हुई होगी

Thumma irji'i albasara karratayni yanqalib ilayka albasaru khasian wahuwa haseerun

फिर दोबारा नज़र डालो। निगाह रद्द होकर और थक-हारकर तुम्हारी ओर पलट आएगी

Tafseer (तफ़सीर )
وَلَقَدْ
और अलबत्ता तहक़ीक़
زَيَّنَّا
मुज़य्यन किया हमने
ٱلسَّمَآءَ
आसमान को
ٱلدُّنْيَا
दुनिया के
بِمَصَٰبِيحَ
साथ चिराग़ों के
وَجَعَلْنَٰهَا
और बनाया हमने उन्हें
رُجُومًا
मारने की चीज़
لِّلشَّيَٰطِينِۖ
शैतानों के लिए
وَأَعْتَدْنَا
और तैयार कर रखा है हमने
لَهُمْ
उनके लिए
عَذَابَ
अज़ाब
ٱلسَّعِيرِ
भड़कती आग का

Walaqad zayyanna alssamaa alddunya bimasabeeha waja'alnaha rujooman lilshshayateeni waa'tadna lahum 'athaba alssa'eeri

हमने निकटवर्ती आकाश को दीपों से सजाया और उन्हें शैतानों के मार भगाने का साधन बनाया और उनके लिए हमने भड़कती आग की यातना तैयार कर रखी है

Tafseer (तफ़सीर )
وَلِلَّذِينَ
और उनके लिए जिन्होंने
كَفَرُوا۟
कुफ़्र किया
بِرَبِّهِمْ
साथ अपने रब के
عَذَابُ
अज़ाब है
جَهَنَّمَۖ
जहन्नम का
وَبِئْسَ
और कितना बुरा है
ٱلْمَصِيرُ
ठिकाना

Walillatheena kafaroo birabbihim 'athabu jahannama wabisa almaseeru

जिन लोगों ने अपने रब के साथ कुफ़्र किया उनके लिए जहन्नम की यातना है और वह बहुत ही बुरा ठिकाना है

Tafseer (तफ़सीर )
إِذَآ
जब
أُلْقُوا۟
वो डाले जाऐंगे
فِيهَا
उसमें
سَمِعُوا۟
वो सुनेंगे
لَهَا
उसका
شَهِيقًا
चिल्लाना/ दहाड़ना
وَهِىَ
और वो
تَفُورُ
जोश खा रही होगी

Itha olqoo feeha sami'oo laha shaheeqan wahiya tafooru

जब वे उसमें डाले जाएँगे तो उसकी दहाड़ने की भयानक आवाज़ सुनेंगे और वह प्रकोप से बिफर रही होगी।

Tafseer (तफ़सीर )
تَكَادُ
क़रीब है कि
تَمَيَّزُ
वो फट जाए
مِنَ
ग़ज़ब से
ٱلْغَيْظِۖ
ग़ज़ब से
كُلَّمَآ
जब भी
أُلْقِىَ
डाली जाएगी
فِيهَا
उसमें
فَوْجٌ
कोई जमाअत
سَأَلَهُمْ
पूछेंगे उनसे
خَزَنَتُهَآ
निगरान उनके
أَلَمْ
क्या नहीं
يَأْتِكُمْ
आया था तुम्हारे पास
نَذِيرٌ
कोई डराने वाला

Takadu tamayyazu mina alghaythi kullama olqiya feeha fawjun saalahum khazanatuha alam yatikum natheerun

ऐसा प्रतीत होगा कि प्रकोप के कारण अभी फट पड़ेगी। हर बार जब भी कोई समूह उसमें डाला जाएगा तो उसके कार्यकर्ता उनसे पूछेंगे, 'क्या तुम्हारे पास कोई सावधान करनेवाला नहीं आया?'

Tafseer (तफ़सीर )
قَالُوا۟
वो कहेंगे
بَلَىٰ
क्यों नहीं
قَدْ
तहक़ीक़
جَآءَنَا
आया हमारे पास
نَذِيرٌ
डराने वाला
فَكَذَّبْنَا
तो झुठला दिया हमने
وَقُلْنَا
और कहा हमने
مَا
नहीं
نَزَّلَ
नाज़िल की
ٱللَّهُ
अल्लाह ने
مِن
कोई चीज़
شَىْءٍ
कोई चीज़
إِنْ
नहीं
أَنتُمْ
तुम
إِلَّا
मगर
فِى
गुमराही में
ضَلَٰلٍ
गुमराही में
كَبِيرٍ
बहुत बड़ी

Qaloo bala qad jaana natheerun fakaththabna waqulna ma nazzala Allahu min shayin in antum illa fee dalalin kabeerin

वे कहेंगे, 'क्यों नहीं, अवश्य हमारे पास आया था, किन्तु हमने झुठला दिया और कहा कि अल्लाह ने कुछ भी नहीं अवतरित किया। तुम तो बस एक बड़ी गुमराही में पड़े हुए हो।'

Tafseer (तफ़सीर )
وَقَالُوا۟
और वो कहेंगे
لَوْ
अगर
كُنَّا
होते हम
نَسْمَعُ
हम सुनते
أَوْ
या
نَعْقِلُ
हम समझते
مَا
ना
كُنَّا
होते हम
فِىٓ
साथियों में
أَصْحَٰبِ
साथियों में
ٱلسَّعِيرِ
भड़कती आग के

Waqaloo law kunna nasma'u aw na'qilu ma kunna fee ashabi alssa'eeri

और वे कहेंगे, 'यदि हम सुनते या बुद्धि से काम लेते तो हम दहकती आग में पड़नेवालों में सम्मिलित न होते।'

Tafseer (तफ़सीर )
कुरान की जानकारी :
अल-मुल्क
القرآن الكريم:الملك
आयत सजदा (سجدة):-
सूरा (latin):Al-Mulk
सूरा:67
कुल आयत:30
कुल शब्द:330
कुल वर्ण:1313
रुकु:2
वर्गीकरण:मक्कन सूरा
Revelation Order:77
से शुरू आयत:5241