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اَلْيَوْمَ نَخْتِمُ عَلٰٓى اَفْوَاهِهِمْ وَتُكَلِّمُنَآ اَيْدِيْهِمْ وَتَشْهَدُ اَرْجُلُهُمْ بِمَا كَانُوْا يَكْسِبُوْنَ   ( يس: ٦٥ )

This Day
ٱلْيَوْمَ
आज
We will seal
نَخْتِمُ
हम मोहर लगा देंगे
[on]
عَلَىٰٓ
उनके मुँहों पर
their mouths
أَفْوَٰهِهِمْ
उनके मुँहों पर
and will speak to Us
وَتُكَلِّمُنَآ
और कलाम करेंगे हमसे
their hands
أَيْدِيهِمْ
हाथ उनके
and will bear witness
وَتَشْهَدُ
और गवाही देंगे
their feet
أَرْجُلُهُم
पाँव उनके
about what
بِمَا
बवजह उसके जो
they used (to)
كَانُوا۟
थे वो
earn
يَكْسِبُونَ
वो कमाई करते

Alyawma nakhtimu 'ala afwahihim watukallimuna aydeehim watashhadu arjuluhum bima kanoo yaksiboona (Yāʾ Sīn 36:65)

Muhammad Faruq Khan Sultanpuri & Muhammad Ahmed:

आज हम उनके मुँह पर मुहर लगा देंगे और उनके हाथ हमसे बोलेंगे और जो कुछ वे कमाते रहे है, उनके पाँव उसकी गवाही देंगे

English Sahih:

That Day, We will seal over their mouths, and their hands will speak to Us, and their feet will testify about what they used to earn. ([36] Ya-Sin : 65)

1 Suhel Farooq Khan/Saifur Rahman Nadwi

आज हम उनके मुँह पर मुहर लगा देगें और (जो) कारसतानियाँ ये लोग दुनिया में कर रहे थे खुद उनके हाथ हमको बता देगें और उनके पाँव गवाही देगें