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अल-मुर्सलत आयत १ | Al-Mursalat 77:1

By the ones sent forth
وَٱلْمُرْسَلَٰتِ
क़सम है उन हवाओं की जो छोड़ी जाती हैं
one after another
عُرْفًا
मुतवातिर

Waalmursalati 'urfan

Muhammad Faruq Khan Sultanpuri & Muhammad Ahmed:

साक्षी है वे (हवाएँ) जिनकी चोटी छोड़ दी जाती है

English Sahih:

By those [winds] sent forth in gusts

1 | Suhel Farooq Khan/Saifur Rahman Nadwi

हवाओं की क़सम जो (पहले) धीमी चलती हैं

2 | Azizul-Haqq Al-Umary

शपथ है भेजी हुई निरन्तर धीमी वायुओं की!