Skip to main content

युसूफ आयत १०७ | Yusuf 12:107

Do they then feel secure
أَفَأَمِنُوٓا۟
क्या भला वो अमन में आ गए
(against) that
أَن
कि
comes to them
تَأْتِيَهُمْ
आ जाए उनके पास
an overwhelming
غَٰشِيَةٌ
एक छा जाने वाली (आफ़त)
[of]
مِّنْ
अज़ाब से
punishment
عَذَابِ
अज़ाब से
(of) Allah
ٱللَّهِ
अल्लाह के
or
أَوْ
या
comes to them
تَأْتِيَهُمُ
आ जाए उनके पास
the Hour
ٱلسَّاعَةُ
क़यामत
suddenly
بَغْتَةً
अचानक
while they
وَهُمْ
और वो
(do) not
لَا
ना वो शऊर रखते हों
perceive?
يَشْعُرُونَ
ना वो शऊर रखते हों

Afaaminoo an tatiyahum ghashiyatun min 'athabi Allahi aw tatiyahumu alssa'atu baghtatan wahum la yash'uroona

Muhammad Faruq Khan Sultanpuri & Muhammad Ahmed:

क्या वे इस बात से निश्चिन्त है कि अल्लाह की कोई यातना उन्हें ढँक ले या सहसा वह घड़ी ही उनपर आ जाए, जबकि वे बिलकुल बेख़बर हों?

English Sahih:

Then do they feel secure that there will not come to them an overwhelming [aspect] of the punishment of Allah or that the Hour will not come upon them suddenly while they do not perceive?

1 | Suhel Farooq Khan/Saifur Rahman Nadwi

तो क्या ये लोग इस बात से मुतमइन हो बैठें हैं कि उन पर ख़ुदा का अज़ाब आ पड़े जो उन पर छा जाए या उन पर अचानक क़यामत ही आ जाए और उनको कुछ ख़बर भी न हो

2 | Azizul-Haqq Al-Umary

तो क्या वे निर्भय हो गये हैं कि उनपर अल्लाह की यातना छा जाये अथवा उनपर प्रलय अकस्मात आ जाये और वे अचेत रह जायेँ?