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قَالَ مَا خَطْبُكُنَّ اِذْ رَاوَدْتُّنَّ يُوْسُفَ عَنْ نَّفْسِهٖۗ قُلْنَ حَاشَ لِلّٰهِ مَا عَلِمْنَا عَلَيْهِ مِنْ سُوْۤءٍ ۗقَالَتِ امْرَاَتُ الْعَزِيْزِ الْـٰٔنَ حَصْحَصَ الْحَقُّۖ اَنَا۠ رَاوَدْتُّهٗ عَنْ نَّفْسِهٖ وَاِنَّهٗ لَمِنَ الصّٰدِقِيْنَ   ( يوسف: ٥١ )

He said
قَالَ
कहा (बादशाह ने)
"What
مَا
क्या
(was) your affair
خَطْبُكُنَّ
मामला है तुम्हारा
when
إِذْ
जब
you sought to seduce
رَٰوَدتُّنَّ
तुमने फुसलाना चाहा था
Yusuf
يُوسُفَ
यूसुफ़ को
from
عَن
उसके नफ़्स से
himself?"
نَّفْسِهِۦۚ
उसके नफ़्स से
They said
قُلْنَ
कहने लगीं
"Allah forbid!
حَٰشَ
हाशा लिल्लाह
"Allah forbid!
لِلَّهِ
हाशा लिल्लाह
Not
مَا
नहीं
we know
عَلِمْنَا
जाना हमने
about him
عَلَيْهِ
उस पर
any
مِن
किसी बुराई को
evil"
سُوٓءٍۚ
किसी बुराई को
Said
قَالَتِ
कहने लगी
(the) wife
ٱمْرَأَتُ
औरत
(of) Aziz
ٱلْعَزِيزِ
अज़ीज़ की
"Now
ٱلْـَٰٔنَ
अब
(is) manifest
حَصْحَصَ
ज़ाहिर हो गया
the truth
ٱلْحَقُّ
हक़
I
أَنَا۠
मैंने
sought to seduce him
رَٰوَدتُّهُۥ
फुसलाया था मैंने उसे
from
عَن
उसके नफ़्स से
himself
نَّفْسِهِۦ
उसके नफ़्स से
and indeed, he
وَإِنَّهُۥ
और बेशक वो
(is) surely of
لَمِنَ
अलबत्ता सच्चों में से है
the truthful
ٱلصَّٰدِقِينَ
अलबत्ता सच्चों में से है

Qala ma khatbukunna ith rawadtunna yoosufa 'an nafsihi qulna hasha lillahi ma 'alimna 'alayhi min sooin qalati imraatu al'azeezi alana hashasa alhaqqu ana rawadtuhu 'an nafsihi wainnahu lamina alssadiqeena (Yūsuf 12:51)

Muhammad Faruq Khan Sultanpuri & Muhammad Ahmed:

उसने कहा, 'तुम स्त्रियों का क्या हाल था, जब तुमने यूसुफ़ को रिझाने की चेष्टा की थी?' उन्होंने कहा, 'पाक है अल्लाह! हम उसमें कोई बुराई नहीं जानते है।' अज़ीज़ की स्त्री बोल उठी, 'अब तो सत्य प्रकट हो गया है। मैंने ही उसे रिझाना चाहा था। वह तो बिलकुल सच्चा है।'

English Sahih:

Said [the king to the women], "What was your condition when you sought to seduce Joseph?" They said, "Perfect is Allah! We know about him no evil." The wife of al-Azeez said, "Now the truth has become evident. It was I who sought to seduce him, and indeed, he is of the truthful. ([12] Yusuf : 51)

1 Suhel Farooq Khan/Saifur Rahman Nadwi

या वह (मेरी) इसमें तो शक़ ही नहीं कि मेरा परवरदिगार ही उनके मक्र से खूब वाक़िफ है चुनान्चे बादशाह ने (उन औरतों को तलब किया) और पूछा कि जिस वक्त तुम लोगों ने यूसुफ से अपना मतलब हासिल करने की खुद उन से तमन्ना की थी तो हमें क्या मामला पेश आया था वह सब की सब अर्ज क़रने लगी हाशा अल्लाह हमने यूसुफ में तो किसी तरह की बुराई नहीं देखी (तब) अज़ीज़ मिस्र की बीबी (ज़ुलेख़ा) बोल उठी अब तू ठीक ठीक हाल सब पर ज़ाहिर हो ही गया (असल बात ये है कि) मैने खुद उससे अपना मतलब हासिल करने की तमन्ना की थी और बेशक वह यक़ीनन सच्चा है