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وَيَسْتَعْجِلُوْنَكَ بِالْعَذَابِۗ وَلَوْلَآ اَجَلٌ مُّسَمًّى لَّجَاۤءَهُمُ الْعَذَابُۗ وَلَيَأْتِيَنَّهُمْ بَغْتَةً وَّهُمْ لَا يَشْعُرُوْنَ  ( العنكبوت: ٥٣ )

And they ask you to hasten
وَيَسْتَعْجِلُونَكَ
और वो जल्दी माँगते हैं आपसे
[with] the punishment
بِٱلْعَذَابِۚ
अज़ाब
And if not
وَلَوْلَآ
और अगर ना होती
(for) a term
أَجَلٌ
मुद्दत
appointed
مُّسَمًّى
मुक़र्रर
surely (would) have come to them
لَّجَآءَهُمُ
अलबत्ता आ जाता उनके पास
the punishment
ٱلْعَذَابُ
अज़ाब
But it will surely come to them
وَلَيَأْتِيَنَّهُم
और अलबत्ता वो ज़रूर आएगा उनके पास
suddenly
بَغْتَةً
अचानक
while they
وَهُمْ
इस हाल में कि
(do) not
لَا
वो शऊर ना रखते होंगे
perceive
يَشْعُرُونَ
वो शऊर ना रखते होंगे

Wayasta'jiloonaka bial'athabi walawla ajalun musamman lajaahumu al'athabu walayatiyannahum baghtatan wahum la yash'uroona (al-ʿAnkabūt 29:53)

Muhammad Faruq Khan Sultanpuri & Muhammad Ahmed:

वे तुमसे यातना के लिए जल्दी मचा रहे है। यदि इसका एक नियत समय न होता तो उनपर अवश्य ही यातना आ जाती। वह तो अचानक उनपर आकर रहेगी कि उन्हें ख़बर भी न होगी

English Sahih:

And they urge you to hasten the punishment. And if not for [the decree of] a specified term, punishment would have reached them. But it will surely come to them suddenly while they perceive not. ([29] Al-'Ankabut : 53)

1 Suhel Farooq Khan/Saifur Rahman Nadwi

और (ऐ रसूल) तुमसे लोग अज़ाब के नाज़िल होने की जल्दी करते हैं और अगर (अज़ाब का) वक्त मुअय्यन न होता तो यक़ीनन उनके पास अब तक अज़ाब आ जाता और (आख़िर एक दिन) उन पर अचानक ज़रुर आ पड़ेगा और उनको ख़बर भी न होगी