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अल-गाफिर आयत २६ | Al-Ghafir 40:26

And said
وَقَالَ
और कहा
Firaun
فِرْعَوْنُ
फ़िरऔन ने
"Leave me
ذَرُونِىٓ
छोड़ दो मुझे
(so that) I kill
أَقْتُلْ
मैं क़त्ल करूँ
Musa
مُوسَىٰ
मूसा को
and let him call
وَلْيَدْعُ
और चाहिए कि वो पुकारे
his Lord
رَبَّهُۥٓۖ
अपने रब को
Indeed I
إِنِّىٓ
बेशक मैं
[I] fear
أَخَافُ
मैं डरता हूँ
that
أَن
कि
he will change
يُبَدِّلَ
वो बदल देगा
your religion
دِينَكُمْ
तुम्हारे दीन को
or
أَوْ
या
that
أَن
ये कि
he may cause to appear
يُظْهِرَ
वो फैला देगा
in
فِى
ज़मीन में
the land
ٱلْأَرْضِ
ज़मीन में
the corruption"
ٱلْفَسَادَ
फ़साद

Waqala fir'awnu tharoonee aqtul moosa walyad'u rabbahu innee akhafu an yubaddila deenakum aw an yuthhira fee alardi alfasada

Muhammad Faruq Khan Sultanpuri & Muhammad Ahmed:

फ़िरऔन ने कहा, 'मुझे छोड़ो, मैं मूसा को मार डालूँ और उसे चाहिए कि वह अपने रब को (अपनी सहायता के लिए) पुकारे। मुझे डर है कि ऐसा न हो कि वह तुम्हारे धर्म को बदल डाले या यह कि वह देश में बिगाड़ पैदा करे।'

English Sahih:

And Pharaoh said, "Let me kill Moses and let him call upon his Lord. Indeed, I fear that he will change your religion or that he will cause corruption in the land."

1 | Suhel Farooq Khan/Saifur Rahman Nadwi

और फिरऔन कहने लगा मुझे छोड़ दो कि मैं मूसा को तो क़त्ल कर डालूँ, और ( मैं देखूँ ) अपने परवरदिगार को तो अपनी मदद के लिए बुलालें (भाईयों) मुझे अन्देशा है कि (मुबादा) तुम्हारे दीन को उलट पुलट कर डाले या मुल्क में फसाद पैदा कर दें

2 | Azizul-Haqq Al-Umary

और कहा फ़िरऔन ने (अपने प्रमुखों सेः) मुझे छोड़ो, मैं वध कर दूँ मूसा को और उसे चाहिये कि पुकारे अपने पालनहार को। वास्तव में, मैं डरता हूँ कि वह बदल देगा तुम्हारे धर्म[1] को अथवा पैदा कर देगा इस धरती (मिस्र) में उपद्रव।