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अल-गाफिर आयत २७ | Al-Ghafir 40:27

And said
وَقَالَ
और कहा
Musa
مُوسَىٰٓ
मूसा ने
"Indeed I
إِنِّى
बेशक मैं
[I] seek refuge
عُذْتُ
पनाह ली मैंने
in my Lord
بِرَبِّى
अपने रब की
and your Lord
وَرَبِّكُم
और तुम्हारे रब की
from
مِّن
हर तकब्बुर करने वाले से
every
كُلِّ
हर तकब्बुर करने वाले से
arrogant one
مُتَكَبِّرٍ
हर तकब्बुर करने वाले से
not
لَّا
जो नहीं ईमान रखता
who believes
يُؤْمِنُ
जो नहीं ईमान रखता
(in the) Day
بِيَوْمِ
दिन पर
(of) the Account"
ٱلْحِسَابِ
हिसाब के

Waqala moosa innee 'uthtu birabbee warabbikum min kulli mutakabbirin la yuminu biyawmi alhisabi

Muhammad Faruq Khan Sultanpuri & Muhammad Ahmed:

मूसा ने कहा, 'मैंने हर अहंकारी के मुक़ाबले में, जो हिसाब के दिन पर ईमान नहीं रखता, अपने रब और तुम्हारे रब की शरण ले ली है।'

English Sahih:

But Moses said, "Indeed, I have sought refuge in my Lord and your Lord from every arrogant one who does not believe in the Day of Account."

1 | Suhel Farooq Khan/Saifur Rahman Nadwi

और मूसा ने कहा कि मैं तो हर मुताकब्बिर से जो हिसाब के दिन (क़यामत पर ईमान नहीं लाता) अपने और तुम्हारे परवरदिगार की पनाह ले चुका हूं

2 | Azizul-Haqq Al-Umary

तथा मूसा ने कहाः मैंने शरण ली है अपने पालनहार तथा तुम्हारे पालनहार की प्रत्येक अहंकारी से, जो ईमान नहीं रखता ह़िसाब के दिन पर।