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फुसिलत आयत ४१ | Fussilat 41:41

Indeed
إِنَّ
बेशक
those who
ٱلَّذِينَ
वो जिन्होंने
disbelieve
كَفَرُوا۟
कुफ़्र किया
in the Reminder
بِٱلذِّكْرِ
ज़िक्र (क़ुरआन)का
when
لَمَّا
जब
it comes to them
جَآءَهُمْۖ
वो आया उनके पास
And indeed it
وَإِنَّهُۥ
और बेशक वो
(is) surely a Book
لَكِتَٰبٌ
अलबत्ता एक किताब है
mighty
عَزِيزٌ
बहुत ज़बरदस्त

Inna allatheena kafaroo bialththikri lamma jaahum wainnahu lakitabun 'azeezun

Muhammad Faruq Khan Sultanpuri & Muhammad Ahmed:

जिन लोगों ने अनुस्मृति का इनकार किया, जबकि वह उनके पास आई, हालाँकि वह एक प्रभुत्वशाली किताब है, (तो न पूछो कि उनका कितना बुरा परिणाम होगा)

English Sahih:

Indeed, those who disbelieve in the message [i.e., the Quran] after it has come to them... And indeed, it is a mighty Book.

1 | Suhel Farooq Khan/Saifur Rahman Nadwi

जिन लोगों ने नसीहत को जब वह उनके पास आयी न माना (वह अपना नतीजा देख लेंगे) और ये क़ुरान तो यक़ीनी एक आली मरतबा किताब है

2 | Azizul-Haqq Al-Umary

निश्चय उन्होंने कुफ़्र कर दिया इस शिक्षा (क़ुर्आन) के साथ, जब आ गयी उनके पास और सच ये है कि ये एक अति सम्मानित पुस्तक है।