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फुसिलत आयत ४० | Fussilat 41:40

Indeed
إِنَّ
बेशक
those who
ٱلَّذِينَ
वो जो
distort
يُلْحِدُونَ
इल्हाद करते हैं
[in]
فِىٓ
हमारी आयात में
Our Verses
ءَايَٰتِنَا
हमारी आयात में
(are) not
لَا
नहीं वो छुप सकते
hidden
يَخْفَوْنَ
नहीं वो छुप सकते
from Us
عَلَيْنَآۗ
हम पर
So is (he) who
أَفَمَن
क्या फिर वो जो
is cast
يُلْقَىٰ
डाला जाएगा
in
فِى
आग में
the Fire
ٱلنَّارِ
आग में
better
خَيْرٌ
बेहतर है
or
أَم
या
(he) who
مَّن
वो जो
comes
يَأْتِىٓ
आएगा
secure
ءَامِنًا
अमन में
(on the) Day
يَوْمَ
दिन
(of) Resurrection?
ٱلْقِيَٰمَةِۚ
क़यामत के
Do
ٱعْمَلُوا۟
अमल करे
what
مَا
जो
you will
شِئْتُمْۖ
चाहो तुम
Indeed He
إِنَّهُۥ
बेशक वो
of what
بِمَا
उसे जो
you do
تَعْمَلُونَ
तुम अमल करते हो
(is) All-Seer
بَصِيرٌ
ख़ूब देखने वाला है

Inna allatheena yulhidoona fee ayatina la yakhfawna 'alayna afaman yulqa fee alnnari khayrun am man yatee aminan yawma alqiyamati i'maloo ma shitum innahu bima ta'maloona baseerun

Muhammad Faruq Khan Sultanpuri & Muhammad Ahmed:

जो लोग हमारी आयतों में कुटिलता की नीति अपनाते है वे हमसे छिपे हुए नहीं हैं, तो क्या जो व्यक्ति आग में डाला जाए वह अच्छा है या वह जो क़ियामत के दिन निश्चिन्त होकर आएगा? जो चाहो कर लो, तुम जो कुछ करते हो वह तो उसे देख ही रहा है

English Sahih:

Indeed, those who inject deviation into Our verses are not concealed from Us. So, is he who is cast into the Fire better or he who comes secure on the Day of Resurrection? Do whatever you will; indeed, He is Seeing of what you do.

1 | Suhel Farooq Khan/Saifur Rahman Nadwi

जो लोग हमारी आयतों में हेर फेर पैदा करते हैं वह हरगिज़ हमसे पोशीदा नहीं हैं भला जो शख्स दोज़ख़ में डाला जाएगा वह बेहतर है या वह शख्स जो क़यामत के दिन बेख़ौफ व ख़तर आएगा (ख़ैर) जो चाहो सो करो (मगर) जो कुछ तुम करते हो वह (ख़ुदा) उसको देख रहा है

2 | Azizul-Haqq Al-Umary

जो टेढ़ निकालते हैं हमारी आयतों में, वे हमपर छुपे नहीं रहते। तो क्या जो फेंक दिया जायेगा अग्नि में, उत्तम है अथवा जो निर्भय होकर आयेगा प्रलय के दिन? करो जो चाहो, वास्तव में, वह जो तुम करते हो, उसे देख रहा है।[1]