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اِنَّمَا الْمُؤْمِنُوْنَ الَّذِيْنَ اٰمَنُوْا بِاللّٰهِ وَرَسُوْلِهٖ ثُمَّ لَمْ يَرْتَابُوْا وَجَاهَدُوْا بِاَمْوَالِهِمْ وَاَنْفُسِهِمْ فِيْ سَبِيْلِ اللّٰهِ ۗ اُولٰۤىِٕكَ هُمُ الصّٰدِقُوْنَ   ( الحجرات: ١٥ )

Only
إِنَّمَا
बेशक
the believers
ٱلْمُؤْمِنُونَ
मोमिन तो
(are) those who
ٱلَّذِينَ
वो लोग हैं जो
believe
ءَامَنُوا۟
ईमान लाए
in Allah
بِٱللَّهِ
अल्लाह पर
and His Messenger
وَرَسُولِهِۦ
और उसके रसूल पर
then
ثُمَّ
फिर
(do) not
لَمْ
नहीं
doubt
يَرْتَابُوا۟
वो शक में पड़े
but strive
وَجَٰهَدُوا۟
और उन्होंने जिहाद किया
with their wealth
بِأَمْوَٰلِهِمْ
साथ अपने मालों के
and their lives
وَأَنفُسِهِمْ
और अपनी जानों के
in
فِى
अल्लाह के रास्ते में
(the) way
سَبِيلِ
अल्लाह के रास्ते में
(of) Allah
ٱللَّهِۚ
अल्लाह के रास्ते में
Those
أُو۟لَٰٓئِكَ
यही लोग हैं
[they]
هُمُ
वो
(are) the truthful"
ٱلصَّٰدِقُونَ
जो सच्चे है

Innama almuminoona allatheena amanoo biAllahi warasoolihi thumma lam yartaboo wajahadoo biamwalihim waanfusihim fee sabeeli Allahi olaika humu alssadiqoona (al-Ḥujurāt 49:15)

Muhammad Faruq Khan Sultanpuri & Muhammad Ahmed:

मोमिन तो बस वही लोग है जो अल्लाह और उसके रसूल पर ईमान लाए, फिर उन्होंने कोई सन्देह नहीं किया और अपने मालों और अपनी जानों से अल्लाह के मार्ग में जिहाद किया। वही लोग सच्चे है

English Sahih:

The believers are only the ones who have believed in Allah and His Messenger and then doubt not but strive with their properties and their lives in the cause of Allah. It is those who are the truthful. ([49] Al-Hujurat : 15)

1 Suhel Farooq Khan/Saifur Rahman Nadwi

(सच्चे मोमिन) तो बस वही हैं जो ख़ुदा और उसके रसूल पर ईमान लाए फिर उन्होंने उसमें किसी तरह का शक़ शुबह न किया और अपने माल से और अपनी जानों से ख़ुदा की राह में जेहाद किया यही लोग (दावाए ईमान में) सच्चे हैं