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अल-मुनाफिकुन आयत १ | Al-Munafiqun 63:1

When
إِذَا
जब
come to you
جَآءَكَ
आते हैं आपके पास
the hypocrites
ٱلْمُنَٰفِقُونَ
मुनाफ़िक़
they say
قَالُوا۟
वो कहते हैं
"We testify
نَشْهَدُ
हम गवाही देते हैं
that you
إِنَّكَ
कि बेशक आप
(are) surely (the) Messenger
لَرَسُولُ
यक़ीनन रसूल हैं
(of) Allah"
ٱللَّهِۗ
अल्लाह के
And Allah
وَٱللَّهُ
और अल्लाह
knows
يَعْلَمُ
वो जानता है
that you
إِنَّكَ
बेशक आप
(are) surely His Messenger
لَرَسُولُهُۥ
यक़ीनन रसूल हैं उसके
and Allah
وَٱللَّهُ
और अल्लाह
testifies
يَشْهَدُ
गवाही देता है
that
إِنَّ
बेशक
the hypocrites
ٱلْمُنَٰفِقِينَ
मुनाफ़िक़
(are) surely liars
لَكَٰذِبُونَ
अलबत्ता झूठे हैं

Itha jaaka almunafiqoona qaloo nashhadu innaka larasoolu Allahi waAllahu ya'lamu innaka larasooluhu waAllahu yashhadu inna almunafiqeena lakathiboona

Muhammad Faruq Khan Sultanpuri & Muhammad Ahmed:

जब मुनाफ़िक (कपटाचारी) तुम्हारे पास आते है तो कहते है, 'हम गवाही देते है कि निश्चय ही आप अल्लाह के रसूल है।' अल्लाह जानता है कि निस्संदेह तुम उसके रसूल हो, किेन्तु अल्लाह गवाही देता है कि ये मुनाफ़िक बिलकुल झूठे है

English Sahih:

When the hypocrites come to you, [O Muhammad], they say, "We testify that you are the Messenger of Allah." And Allah knows that you are His Messenger, and Allah testifies that the hypocrites are liars.

1 | Suhel Farooq Khan/Saifur Rahman Nadwi

(ऐ रसूल) जब तुम्हारे पास मुनाफेक़ीन आते हैं तो कहते हैं कि हम तो इक़रार करते हैं कि आप यक़नीन ख़ुदा के रसूल हैं और ख़ुदा भी जानता है तुम यक़ीनी उसके रसूल हो मगर ख़ुदा ज़ाहिर किए देता है कि ये लोग अपने (एतक़ाद के लिहाज़ से) ज़रूर झूठे हैं

2 | Azizul-Haqq Al-Umary

जब आते हैं आपके पास मुनाफ़िक़, तो कहते हैं कि हम साक्ष्य (गवाही) देते हैं कि वास्तव में आप अल्लाह के रसूल हैं तथा अल्लाह जानता है कि वास्तव में आप अल्लाह के रसूल हैं और अल्लाह गवाही देता है कि मुनाफ़िक़ निश्चय झूठे[1] हैं।