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अल-मुज़म्मिल आयत १४ | Al-Muzzammil 73:14

On (the) Day
يَوْمَ
जिस दिन
will quake
تَرْجُفُ
काँपेगी
the earth
ٱلْأَرْضُ
ज़मीन
and the mountains
وَٱلْجِبَالُ
और पहाड़
and will become
وَكَانَتِ
और होंगे
the mountains
ٱلْجِبَالُ
पहाड़
a heap of sand
كَثِيبًا
रेत को टीले
pouring down
مَّهِيلًا
बिखरे हुए

Yawma tarjufu alardu waaljibalu wakanati aljibalu katheeban maheelan

Muhammad Faruq Khan Sultanpuri & Muhammad Ahmed:

जिस दिन धरती और पहाड़ काँप उठेंगे, और पहाड़ रेत के ऐसे ढेर होकर रह जाएगे जो बिखरे जा रहे होंगे

English Sahih:

On the Day the earth and the mountains will convulse and the mountains will become a heap of sand pouring down.

1 | Suhel Farooq Khan/Saifur Rahman Nadwi

जिस दिन ज़मीन और पहाड़ लरज़ने लगेंगे और पहाड़ रेत के टीले से भुर भुरे हो जाएँगे

2 | Azizul-Haqq Al-Umary

जिस दिन काँपेगी धरती और पर्वत तथा हो जायेंगे पर्वत, भुरभुरे रेत के ढेर।