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अल-अन्फाल आयत २ | Al-Anfal 8:2

Only
إِنَّمَا
बेशक
the believers
ٱلْمُؤْمِنُونَ
मोमिन तो
(are) those who
ٱلَّذِينَ
वो हैं
when
إِذَا
जब
is mentioned
ذُكِرَ
ज़िक्र किया जाता है
Allah
ٱللَّهُ
अल्लाह का
feel fear
وَجِلَتْ
डर जाते हैं
their hearts
قُلُوبُهُمْ
दिल उनके
and when
وَإِذَا
और जब
are recited
تُلِيَتْ
पढ़ी जाती हैं
to them
عَلَيْهِمْ
उन पर
His Verses
ءَايَٰتُهُۥ
आयात उसकी
they increase them
زَادَتْهُمْ
वो ज़्यादा कर देती है उन्हें
(in) faith
إِيمَٰنًا
ईमान में
and upon
وَعَلَىٰ
और अपने रब पर ही
their Lord
رَبِّهِمْ
और अपने रब पर ही
they put their trust
يَتَوَكَّلُونَ
वो तवक्कल करते हैं

Innama almuminoona allatheena itha thukira Allahu wajilat quloobuhum waitha tuliyat 'alayhim ayatuhu zadathum eemanan wa'ala rabbihim yatawakkaloona

Muhammad Faruq Khan Sultanpuri & Muhammad Ahmed:

ईमानवाले तो वही लोग है जिनके दिल उस समय काँप उठे जबकि अल्लाह को याद किया जाए। और जब उनके सामने उसकी आयतें पढ़ी जाएँ तो वे उनके ईमान को और अधिक बढ़ा दें और वे अपने रब पर भरोसा रखते हों

English Sahih:

The believers are only those who, when Allah is mentioned, their hearts become fearful, and when His verses are recited to them, it increases them in faith; and upon their Lord they rely –

1 | Suhel Farooq Khan/Saifur Rahman Nadwi

सच्चे ईमानदार तो बस वही लोग हैं कि जब (उनके सामने) ख़ुदा का ज़िक्र किया जाता है तो उनके दिल हिल जाते हैं और जब उनके सामने उसकी आयतें पढ़ी जाती हैं तो उनके ईमान को और भी ज्यादा कर देती हैं और वह लोग बस अपने परवरदिगार ही पर भरोसा रखते हैं

2 | Azizul-Haqq Al-Umary

वास्तव में, ईमान वाले वही हैं कि जब अल्लाह का वर्णन किया जाये, तो उनके दिल काँप उठते हैं और जब उनके समक्ष उसकी आयतें पढ़ी जायें, तो उनका ईमान अधिक हो जाता है और वे अपने पालनहार पर ही भरोसा रखते हैं।