Skip to main content

مَاكَانَ لِنَبِيٍّ اَنْ يَّكُوْنَ لَهٗٓ اَسْرٰى حَتّٰى يُثْخِنَ فِى الْاَرْضِۗ تُرِيْدُوْنَ عَرَضَ الدُّنْيَاۖ وَاللّٰهُ يُرِيْدُ الْاٰخِرَةَۗ وَاللّٰهُ عَزِيْزٌحَكِيْمٌ   ( الأنفال: ٦٧ )

Not
مَا
नहीं
is
كَانَ
है
for a Prophet
لِنَبِىٍّ
किसी नबी के लिए
that
أَن
कि
(there) should be
يَكُونَ
हों
for him
لَهُۥٓ
उसके लिए
prisoners of war
أَسْرَىٰ
क़ैदी
until
حَتَّىٰ
यहाँ तक कि
he has battled strenuously
يُثْخِنَ
वो अच्छी तरह ख़ून बहा दे
in
فِى
ज़मीन में
the land
ٱلْأَرْضِۚ
ज़मीन में
You desire
تُرِيدُونَ
तुम चाहते हो
(the) commodities
عَرَضَ
सामान
(of) the world
ٱلدُّنْيَا
दुनिया का
but Allah
وَٱللَّهُ
और अल्लाह
desires
يُرِيدُ
चाहता है
(for you) the Hereafter
ٱلْءَاخِرَةَۗ
आख़िरत
And Allah
وَٱللَّهُ
और अल्लाह
(is) All-Mighty
عَزِيزٌ
बहुत ज़बरदस्त है
All-Wise
حَكِيمٌ
ख़ूब हिकमत वाला है

Ma kana linabiyyin an yakoona lahu asra hatta yuthkhina fee alardi tureedoona 'arada alddunya waAllahu yureedu alakhirata waAllahu 'azeezun hakeemun (al-ʾAnfāl 8:67)

Muhammad Faruq Khan Sultanpuri & Muhammad Ahmed:

किसी नबी के लिए यह उचित नहीं कि उसके पास क़ैदी हो यहाँ तक की वह धरती में रक्तपात करे। तुम लोग संसार की सामग्री चाहते हो, जबकि अल्लाह आख़िरत चाहता है। अल्लाह अत्यन्त प्रभुत्वशाली, तत्वदर्शी है

English Sahih:

It is not for a prophet to have captives [of war] until he inflicts a massacre [upon Allah's enemies] in the land. You [i.e., some Muslims] desire the commodities of this world, but Allah desires [for you] the Hereafter. And Allah is Exalted in Might and Wise. ([8] Al-Anfal : 67)

1 Suhel Farooq Khan/Saifur Rahman Nadwi

कोई नबी जब कि रूए ज़मीन पर (काफिरों का) खून न बहाए उसके यहाँ कैदियों का रहना मुनासिब नहीं तुम लोग तो दुनिया के साज़ो सामान के ख्वाहॉ (चाहने वाले) हो औॅर ख़ुदा (तुम्हारे लिए) आख़िरत की (भलाई) का ख्वाहॉ है और ख़ुदा ज़बरदस्त हिकमत वाला है