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अर र’आद आयत २५ | Ar Ar-Ra’d 13:25

And those who
وَٱلَّذِينَ
और वो लोग जो
break
يَنقُضُونَ
तोड़ते हैं
the covenant
عَهْدَ
अहद को
(of) Allah
ٱللَّهِ
अल्लाह के
from
مِنۢ
बाद
after
بَعْدِ
बाद
contracting it
مِيثَٰقِهِۦ
उसके पक्का करने के
and sever
وَيَقْطَعُونَ
और वो काटते हैं
what
مَآ
उसको जो
(has been) commanded
أَمَرَ
हुक्म दिया
(by) Allah
ٱللَّهُ
अल्लाह ने
for it
بِهِۦٓ
जिसका
to
أَن
कि
be joined
يُوصَلَ
वो जोड़ा जाए
and spread corruption
وَيُفْسِدُونَ
और वो फ़साद करते हैं
in
فِى
ज़मीन में
the earth
ٱلْأَرْضِۙ
ज़मीन में
Those
أُو۟لَٰٓئِكَ
यही लोग हैं
for them
لَهُمُ
उनके लिए है
(is) the curse
ٱللَّعْنَةُ
लानत
and for them
وَلَهُمْ
और उन्हीं के लिए है
(is) an evil
سُوٓءُ
बुरा
home
ٱلدَّارِ
घर

Waallatheena yanqudoona 'ahda Allahi min ba'di meethaqihi wayaqta'oona ma amara Allahu bihi an yoosala wayufsidoona fee alardi olaika lahumu alla'natu walahum sooo alddari

Muhammad Faruq Khan Sultanpuri & Muhammad Ahmed:

रहे वे लोग जो अल्लाह की प्रतिज्ञा को उसे दृढ़ करने के पश्चात तोड़ डालते है और अल्लाह ने जिसे जोड़ने का आदेश दिया है, उसे काटते है और धरती में बिगाड़ पैदा करते है। वहीं है जिनके लिए फिटकार है और जिनके लिए आख़िरत का बुरा घर है

English Sahih:

But those who break the covenant of Allah after contracting it and sever that which Allah has ordered to be joined and spread corruption on earth – for them is the curse, and they will have the worst home.

1 | Suhel Farooq Khan/Saifur Rahman Nadwi

और जो लोग ख़ुदा से एहद व पैमान को पक्का करने के बाद तोड़ डालते हैं और जिन (तालुकात बाहमी) के क़ायम रखने का ख़ुदा ने हुक्म दिया है उन्हें क़तआ (तोड़ते) करते हैं और रुए ज़मीन पर फ़साद फैलाते फिरते हैं ऐसे ही लोग हैं जिनके लिए लानत है और ऐसे ही लोगों के वास्ते बड़ा घर (जहन्नुम) है

2 | Azizul-Haqq Al-Umary

और जो लोग अल्लाह से किये वचन को, उसे सुदृढ़ करने के पश्चात्, भंग कर देते हैं और अल्लाह ने जिस संबन्ध को जोड़ने का आदेश दिया[1] है, उसे तोड़ते हैं और धरती में उपद्रव फैलाते हैं। वही हैं, जिनके लिए धिक्कार है और जिनके लिए बुरा आवास है।