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अल बकराह आयत २५० | Al-Baqrah 2:250

And when
وَلَمَّا
और जब
they went forth
بَرَزُوا۟
वो सामने हुए
to (face) Jalut
لِجَالُوتَ
जालूत के
and his troops
وَجُنُودِهِۦ
और उसके लश्करों के
they said
قَالُوا۟
उन्होंने कहा
"Our Lord!
رَبَّنَآ
ऐ हमारे रब
Pour
أَفْرِغْ
डाल दे
on us
عَلَيْنَا
हम पर
patience
صَبْرًا
सब्र
and make firm
وَثَبِّتْ
और जमा दे
our feet
أَقْدَامَنَا
हमारे क़दमों को
and help us
وَٱنصُرْنَا
और मदद कर हमारी
against
عَلَى
उस क़ौम पर
the people
ٱلْقَوْمِ
उस क़ौम पर
(who are) disbelieving"
ٱلْكَٰفِرِينَ
जो काफ़िर है

Walamma barazoo lijaloota wajunoodihi qaloo rabbana afrigh 'alayna sabran wathabbit aqdamana waonsurna 'ala alqawmi alkafireena

Muhammad Faruq Khan Sultanpuri & Muhammad Ahmed:

और जब वे जालूत और उसकी सेनाओं के मुक़ाबले पर आए तो कहा, 'ऐ हमारे रब! हमपर धैर्य उडेल दे और हमारे क़दम जमा दे और इनकार करनेवाले लोगों पर हमें विजय प्रदान कर।'

English Sahih:

And when they went forth to [face] Goliath and his soldiers, they said, "Our Lord, pour upon us patience and plant firmly our feet and give us victory over the disbelieving people."

1 | Suhel Farooq Khan/Saifur Rahman Nadwi

(ग़रज़) जब ये लोग जालूत और उसकी फौज के मुक़ाबले को निकले तो दुआ की ऐ मेरे परवरदिगार हमें कामिल सब्र अता फरमा और मैदाने जंग में हमारे क़दम जमाए रख और हमें काफिरों पर फतेह इनायत कर

2 | Azizul-Haqq Al-Umary

और जब वे, जालूत और उसकी सेना के सम्मुख हुए, तो प्रार्थना कीः हे हमारे पालनहार! हमें धैर्य प्रदान कर तथा हमारे चरणों को (रणक्षेत्र में) स्थिर कर दे और काफ़िरों पर हमारी सहायता कर।