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قَالَ رَبِّ احْكُمْ بِالْحَقِّۗ وَرَبُّنَا الرَّحْمٰنُ الْمُسْتَعَانُ عَلٰى مَا تَصِفُوْنَ ࣖ  ( الأنبياء: ١١٢ )

He said
قَٰلَ
कहा
"My Lord!
رَبِّ
ऐ मेरे रब
judge
ٱحْكُم
फ़ैसला कर दे
in truth
بِٱلْحَقِّۗ
साथ हक़ के
And our Lord
وَرَبُّنَا
और रब तुम्हारा
(is) the Most Gracious
ٱلرَّحْمَٰنُ
रहमान है
the One Whose help is sought
ٱلْمُسْتَعَانُ
जिससे मदद तलब की जाती है
against
عَلَىٰ
उस पर
what
مَا
जो
you attribute"
تَصِفُونَ
तुम बयान करते हो

Qala rabbi ohkum bialhaqqi warabbuna alrrahmanu almusta'anu 'ala ma tasifoona (al-ʾAnbiyāʾ 21:112)

Muhammad Faruq Khan Sultanpuri & Muhammad Ahmed:

उसने कहा, 'ऐ मेरे रब, सत्य का फ़ैसला कर दे! और हमारा रब रहमान है। उसी से सहायता की प्रार्थना है, उन बातों के मुक़ाबले में जो तुम लोग बयान करते हो।'

English Sahih:

[The Prophet (^)] has said, "My Lord, judge [between us] in truth. And our Lord is the Most Merciful, the one whose help is sought against that which you describe." ([21] Al-Anbya : 112)

1 Suhel Farooq Khan/Saifur Rahman Nadwi

(आख़िर) रसूल ने दुआ की ऐ मेरे पालने वाले तू ठीक-ठीक मेरे और काफिरों के दरमियान फैसला कर दे और हमार परवरदिगार बड़ा मेहरबान है कि उसी से इन बातों में मदद माँगी जाती है जो तुम लोग बयान करते हो