Skip to main content

अन-नूर आयत ११ | An-Noor 24:11

Indeed
إِنَّ
बेशक
those who
ٱلَّذِينَ
वो लोग जो
brought
جَآءُو
लाए हैं
the lie
بِٱلْإِفْكِ
बोहतान
(are) a group
عُصْبَةٌ
एक गिरोह हैं
among you
مِّنكُمْۚ
तुम में से
(Do) not
لَا
ना तुम समझो उसे
think it
تَحْسَبُوهُ
ना तुम समझो उसे
bad
شَرًّا
बुरा
for you
لَّكُمۖ
अपने लिए
nay
بَلْ
बल्कि
it
هُوَ
वो
(is) good
خَيْرٌ
अच्छा है
for you
لَّكُمْۚ
तुम्हारे लिए
For every
لِكُلِّ
वास्ते हर
person
ٱمْرِئٍ
शख़्स के है
among them
مِّنْهُم
उनमें से
(is) what
مَّا
जो
he earned
ٱكْتَسَبَ
उसने कमाया
of
مِنَ
गुनाह से
the sin
ٱلْإِثْمِۚ
गुनाह से
and the one who
وَٱلَّذِى
और वो जिसने
took upon himself a greater share of it
تَوَلَّىٰ
उठाया
took upon himself a greater share of it
كِبْرَهُۥ
बड़ा (बोझ) उसका
among them
مِنْهُمْ
उनमें से
for him
لَهُۥ
उसके लिए
(is) a punishment
عَذَابٌ
अज़ाब है
great
عَظِيمٌ
बहुत बड़ा

Inna allatheena jaoo bialifki 'usbatun minkum la tahsaboohu sharran lakum bal huwa khayrun lakum likulli imriin minhum ma iktasaba mina alithmi waallathee tawalla kibrahu minhum lahu 'athabun 'atheemun

Muhammad Faruq Khan Sultanpuri & Muhammad Ahmed:

जो लोग तोहमत घड़ लाए है वे तुम्हारे ही भीतर की एक टोली है। तुम उसे अपने लिए बुरा मत समझो, बल्कि वह भी तुम्हारे लिए अच्छा ही है। उनमें से प्रत्येक व्यक्ति के लिए उतना ही हिस्सा है जितना गुनाह उसने कमाया, और उनमें से जिस व्यक्ति ने उसकी ज़िम्मेदारी का एक बड़ा हिस्सा अपने सिर लिया उसके लिए बड़ा यातना है

English Sahih:

Indeed, those who came with falsehood are a group among you. Do not think it bad for you; rather, it is good for you. For every person among them is what [punishment] he has earned from the sin, and he who took upon himself the greater portion thereof – for him is a great punishment [i.e., Hellfire].

1 | Suhel Farooq Khan/Saifur Rahman Nadwi

बेशक जिन लोगों ने झूठी तोहमत लगायी वह तुम्ही में से एक गिरोह है तुम अपने हक़ में इस तोहमत को बड़ा न समझो बल्कि ये तुम्हारे हक़ में बेहतर है इनमें से जिस शख्स ने जितना गुनाह समेटा वह उस (की सज़ा) को खुद भुगतेगा और उनमें से जिस शख्स ने तोहमत का बड़ा हिस्सा लिया उसके लिए बड़ी (सख्त) सज़ा होगी

2 | Azizul-Haqq Al-Umary

वास्तव[1] में, जो कलंक घड़ लाये हैं, (वे) तुम्हारे ही भीतर का एक गिरोह है, तुम इसे बुरा न समझो, बल्कि ये तुम्हारे लिए अच्छा[2] है। उनमें से प्रत्येक के लिए जितना भाग लिया, उतना पाप है और जिसने भार लिया उसके बड़े भाग[3] का, तो उसके लिए बड़ी यातना है।