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bismillah
سُورَةٌ
ये एक सूरत है
أَنزَلْنَٰهَا
नाज़िल किया हमने इसे
وَفَرَضْنَٰهَا
और फ़र्ज़ किया हमने इसे
وَأَنزَلْنَا
और नाज़िल कीं हमने
فِيهَآ
इसमें
ءَايَٰتٍۭ
आयात
بَيِّنَٰتٍ
वाज़ेह
لَّعَلَّكُمْ
ताकि तुम
تَذَكَّرُونَ
तुम नसीहत पकड़ो

Sooratun anzalnaha wafaradnaha waanzalna feeha ayatin bayyinatin la'allakum tathakkaroona

यह एक (महत्वपूर्ण) सूरा है, जिसे हमने उतारा है। और इसे हमने अनिवार्य किया है, और इसमें हमने स्पष्ट आयतें (आदेश) अवतरित की है। कदाचित तुम शिक्षा ग्रहण करो

Tafseer (तफ़सीर )
ٱلزَّانِيَةُ
ज़ानिया औरत
وَٱلزَّانِى
और ज़ानी मर्द
فَٱجْلِدُوا۟
पस कोड़े मारो
كُلَّ
हर
وَٰحِدٍ
एक को
مِّنْهُمَا
इन दोनों में से
مِا۟ئَةَ
सौ
جَلْدَةٍۖ
कोड़े
وَلَا
और ना
تَأْخُذْكُم
पकड़े तुम्हें
بِهِمَا
इन दोनों के बारे में
رَأْفَةٌ
कोई तरस
فِى
दीन ( क़ानून) के मामले में
دِينِ
दीन ( क़ानून) के मामले में
ٱللَّهِ
अल्लाह के
إِن
अगर
كُنتُمْ
हो तुम
تُؤْمِنُونَ
तुम ईमान रखते
بِٱللَّهِ
अल्लाह पर
وَٱلْيَوْمِ
और आख़िरी दिन पर
ٱلْءَاخِرِۖ
और आख़िरी दिन पर
وَلْيَشْهَدْ
और ज़रूर हाज़िर हो
عَذَابَهُمَا
इन दोनों की सज़ा पर
طَآئِفَةٌ
एक गिरोह
مِّنَ
मोमिनों में से
ٱلْمُؤْمِنِينَ
मोमिनों में से

Alzzaniyatu waalzzanee faijlidoo kulla wahidin minhuma miata jaldatin wala takhuthkum bihima rafatun fee deeni Allahi in kuntum tuminoona biAllahi waalyawmi alakhiri walyashhad 'athabahuma taifatun mina almumineena

व्यभिचारिणी और व्यभिचारी - इन दोनों में से प्रत्येक को सौ कोड़े मारो और अल्लाह के धर्म (क़ानून) के विषय में तुम्हें उनपर तरस न आए, यदि तुम अल्लाह औऱ अन्तिम दिन को मानते हो। और उन्हें दंड देते समय मोमिनों में से कुछ लोगों को उपस्थित रहना चाहिए

Tafseer (तफ़सीर )
ٱلزَّانِى
ज़ानी मर्द
لَا
नहीं निकाह करता
يَنكِحُ
नहीं निकाह करता
إِلَّا
मगर
زَانِيَةً
ज़निया औरत से
أَوْ
या
مُشْرِكَةً
मुशरिका औरत से
وَٱلزَّانِيَةُ
और ज़निया औरत
لَا
नहीं निकाह करता उससे
يَنكِحُهَآ
नहीं निकाह करता उससे
إِلَّا
मगर
زَانٍ
ज़ानी मर्द
أَوْ
या
مُشْرِكٌۚ
मुशरिक मर्द
وَحُرِّمَ
और हराम कर दिया गया
ذَٰلِكَ
ये
عَلَى
मोमिनों पर
ٱلْمُؤْمِنِينَ
मोमिनों पर

Alzzanee la yankihu illa zaniyatan aw mushrikatan waalzzaniyatu la yankihuha illa zanin aw mushrikun wahurrima thalika 'ala almumineena

व्यभिचारी किसी व्यभिचारिणी या बहुदेववादी स्त्री से ही निकाह करता है। और (इसी प्रकार) व्यभिचारिणी, किसी व्यभिचारी या बहुदेववादी से ही निकाह करते है। और यह मोमिनों पर हराम है

Tafseer (तफ़सीर )
وَٱلَّذِينَ
और वो लोग जो
يَرْمُونَ
तोहमत लगाऐं
ٱلْمُحْصَنَٰتِ
पाक दामन औरतों पर
ثُمَّ
फिर
لَمْ
ना
يَأْتُوا۟
वो लाऐं
بِأَرْبَعَةِ
चार
شُهَدَآءَ
गवाह
فَٱجْلِدُوهُمْ
तो कोड़े मारो उन्हें
ثَمَٰنِينَ
अस्सी
جَلْدَةً
कोड़े
وَلَا
और ना
تَقْبَلُوا۟
तुम क़ुबूल करो
لَهُمْ
उनकी
شَهَٰدَةً
गवाही को
أَبَدًاۚ
कभी भी
وَأُو۟لَٰٓئِكَ
और यही लोग हैं
هُمُ
वो
ٱلْفَٰسِقُونَ
जो फ़ासिक़ हैं

Waallatheena yarmoona almuhsanati thumma lam yatoo biarba'ati shuhadaa faijlidoohum thamaneena jaldatan wala taqbaloo lahum shahadatan abadan waolaika humu alfasiqoona

और जो लोग शरीफ़ और पाकदामन स्त्री पर तोहमत लगाएँ, फिर चार गवाह न लाएँ, उन्हें अस्सी कोड़े मारो और उनकी गवाही कभी भी स्वीकार न करो - वही है जो अवज्ञाकारी है। -

Tafseer (तफ़सीर )
إِلَّا
सिवाए
ٱلَّذِينَ
उनके जिन्होंने
تَابُوا۟
तौबा की
مِنۢ
बाद
بَعْدِ
बाद
ذَٰلِكَ
इसके
وَأَصْلَحُوا۟
और उन्होंने इस्लाह कर ली
فَإِنَّ
तो बेशक
ٱللَّهَ
अल्लाह
غَفُورٌ
बहुत बख़्शने वाला है
رَّحِيمٌ
निहायत रहम करने वाला है

Illa allatheena taboo min ba'di thalika waaslahoo fainna Allaha ghafoorun raheemun

सिवाय उन लोगों के जो इसके पश्चात तौबा कर लें और सुधार कर लें। तो निश्चय ही अल्लाह बहुत क्षमाशील, अत्यन्त दयावान है

Tafseer (तफ़सीर )
وَٱلَّذِينَ
और वो लोग जो
يَرْمُونَ
तोहमत लगाते हैं
أَزْوَٰجَهُمْ
अपनी बीवियों पर
وَلَمْ
और नहीं
يَكُن
हैं
لَّهُمْ
उनके लिए
شُهَدَآءُ
कोई गवाह
إِلَّآ
मगर
أَنفُسُهُمْ
वो ख़ुद ही
فَشَهَٰدَةُ
तो गवाही होगी
أَحَدِهِمْ
उनमें से एक की
أَرْبَعُ
चार
شَهَٰدَٰتٍۭ
गवाहियाँ
بِٱللَّهِۙ
साथ अल्लाह (की क़सम) के
إِنَّهُۥ
बेशक वो
لَمِنَ
अलबत्ता सच्चों में से है
ٱلصَّٰدِقِينَ
अलबत्ता सच्चों में से है

Waallatheena yarmoona azwajahum walam yakun lahum shuhadao illa anfusuhum fashahadatu ahadihim arba'u shahadatin biAllahi innahu lamina alssadiqeena

औऱ जो लोग अपनी पत्नियों पर दोषारोपण करें औऱ उनके पास स्वयं के सिवा गवाह मौजूद न हों, तो उनमें से एक (अर्थात पति) चार बार अल्लाह की क़सम खाकर यह गवाही दे कि वह बिलकुल सच्चा है

Tafseer (तफ़सीर )
وَٱلْخَٰمِسَةُ
और पाँचवीं बार
أَنَّ
कि बेशक
لَعْنَتَ
लानत हो
ٱللَّهِ
अल्लाह की
عَلَيْهِ
उस पर
إِن
अगर
كَانَ
है वो
مِنَ
झूठों में से
ٱلْكَٰذِبِينَ
झूठों में से

Waalkhamisatu anna la'nata Allahi 'alayhi in kana mina alkathibeena

और पाँचवी बार यह गवाही दे कि यदि वह झूठा हो तो उसपर अल्लाह की फिटकार हो

Tafseer (तफ़सीर )
وَيَدْرَؤُا۟
और टाल देगी
عَنْهَا
उस (औरत) से
ٱلْعَذَابَ
सज़ा को
أَن
ये(बात) कि
تَشْهَدَ
वो गवाही दे
أَرْبَعَ
चार
شَهَٰدَٰتٍۭ
गवाहियाँ
بِٱللَّهِۙ
अल्लाह की क़सम के साथ
إِنَّهُۥ
बेशक वो
لَمِنَ
अलबत्ता झूठों में से है
ٱلْكَٰذِبِينَ
अलबत्ता झूठों में से है

'anha al'athaba an tashhada arba'a shahadatin biAllahi innahu lamina alkathibeena

पत्ऩी से भी सज़ा को यह बात टाल सकती है कि वह चार बार अल्लाह की क़सम खाकर गवाही दे कि वह बिलकुल झूठा है

Tafseer (तफ़सीर )
وَٱلْخَٰمِسَةَ
और पाँचवीं बार
أَنَّ
कि बेशक
غَضَبَ
ग़ज़ब हो
ٱللَّهِ
अल्लाह का
عَلَيْهَآ
उस (औरत) पर
إِن
अगर
كَانَ
है वो (मर्द)
مِنَ
सच्चों में से
ٱلصَّٰدِقِينَ
सच्चों में से

Waalkhamisata anna ghadaba Allahi 'alayha in kana mina alssadiqeena

और पाँचवी बार यह कहें कि उसपर (उस स्त्री पर) अल्लाह का प्रकोप हो, यदि वह सच्चा हो

Tafseer (तफ़सीर )
وَلَوْلَا
और अगर ना होता
فَضْلُ
फ़ज़ल
ٱللَّهِ
अल्लाह का
عَلَيْكُمْ
तुम पर
وَرَحْمَتُهُۥ
और रहमत उसकी
وَأَنَّ
और बेशक
ٱللَّهَ
अल्लाह
تَوَّابٌ
बहुत तौबा क़ुबूल करने वाला है
حَكِيمٌ
बहुत हिकमत वाला है

Walawla fadlu Allahi 'alaykum warahmatuhu waanna Allaha tawwabun hakeemun

यदि तुम अल्लाह की उदार कृपा और उसकी दया न होती (तो तुम संकट में पड़े जाते), और यह कि अल्लाह बड़ा तौबा क़बूल करनेवाला,अत्यन्त तत्वदर्शी है

Tafseer (तफ़सीर )
कुरान की जानकारी :
अन-नूर
القرآن الكريم:النور
आयत सजदा (سجدة):-
सूरा (latin):An-Nur
सूरा:24
कुल आयत:64
कुल शब्द:1317
कुल वर्ण:5596
रुकु:9
वर्गीकरण:मदीनन सूरा
Revelation Order:102
से शुरू आयत:2791