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अल-क़सस आयत ७५ | Al-Qasas 28:75

And We will draw forth
وَنَزَعْنَا
और निकाल लाऐंगे हम
from
مِن
हर उम्मत से
every
كُلِّ
हर उम्मत से
nation
أُمَّةٍ
हर उम्मत से
a witness
شَهِيدًا
एक गवाह
and We will say
فَقُلْنَا
तो कहेंगे हम
"Bring
هَاتُوا۟
लाओ
your proof?"
بُرْهَٰنَكُمْ
दलील अपनी
Then they will know
فَعَلِمُوٓا۟
तो वो जान लेंगे
that
أَنَّ
बेशक
the truth
ٱلْحَقَّ
हक़
(is) for Allah
لِلَّهِ
अल्लाह ही के लिए है
and (will be) lost
وَضَلَّ
और गुम हो जाऐंगे
from them
عَنْهُم
उनसे
what
مَّا
जो
they used (to)
كَانُوا۟
थे वो
invent
يَفْتَرُونَ
वो गढ़ा करते

Wanaza'na min kulli ommatin shaheedan faqulna hatoo burhanakum fa'alimoo anna alhaqqa lillahi wadalla 'anhum ma kanoo yaftaroona

Muhammad Faruq Khan Sultanpuri & Muhammad Ahmed:

और हम प्रत्येक समुदाय में से एक गवाह निकाल लाएँगे और कहेंगे, 'लाओ अपना प्रमाण।' तब वे जान लेंगे कि सत्य अल्लाह की ओर से है और जो कुछ वे घड़ते थे, वह सब उनसे गुम होकर रह जाएगा

English Sahih:

And We will extract from every nation a witness and say, "Produce your proof," and they will know that the truth belongs to Allah, and lost from them is that which they used to invent.

1 | Suhel Farooq Khan/Saifur Rahman Nadwi

और हम हर एक उम्मत से एक गवाह (पैग़म्बर) निकाले (सामने बुलाएँगे) फिर (उस दिन मुशरेकीन से) कहेंगे कि अपनी (बराअत की) दलील पेश करो तब उन्हें मालूम हो जाएगा कि हक़ ख़ुदा ही की तरफ़ है और जो इफ़तेरा परवाज़ियाँ ये लोग किया करते थे सब उनसे ग़ायब हो जाएँगी

2 | Azizul-Haqq Al-Umary

और हम निकाल लायेंगे प्रत्येक समुदाय से एक गवाह, फिर कहेंगेः लाओ अपने[1] तर्क? तो उन्हें ज्ञान हो जायेगा कि सत्य अल्लाह ही की ओर है और उनसे खो जायेंगी, जो बातें वे घड़ रहे थे।