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مَا لَكُمْۗ كَيْفَ تَحْكُمُوْنَ  ( الصافات: ١٥٤ )

What is with you?
مَا
क्या है
What is with you?
لَكُمْ
तुम्हें
How
كَيْفَ
कैसे
you judge?
تَحْكُمُونَ
तुम फ़ैसले करते हो

Ma lakum kayfa tahkumoona (aṣ-Ṣāffāt 37:154)

Muhammad Faruq Khan Sultanpuri & Muhammad Ahmed:

तुम्हें क्या हो गया है? तुम कैसा फ़ैसला करते हो?

English Sahih:

What is [wrong] with you? How do you make judgement? ([37] As-Saffat : 154)

1 Suhel Farooq Khan/Saifur Rahman Nadwi

(अरे कम्बख्तों) तुम्हें क्या जुनून हो गया है तुम लोग (बैठे-बैठे) कैसा फैसला करते हो