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अज-ज़ुमर आयत २ | Az-Zumar 39:2

Indeed We
إِنَّآ
बेशक हम
[We] have revealed
أَنزَلْنَآ
नाज़िल की हमने
to you
إِلَيْكَ
तरफ़ आपके
the Book
ٱلْكِتَٰبَ
किताब
in truth;
بِٱلْحَقِّ
साथ हक़ के
so worship
فَٱعْبُدِ
पस इबादत कीजिए
Allah
ٱللَّهَ
अल्लाह की
(being) sincere
مُخْلِصًا
ख़ालिस करते हुए
to Him
لَّهُ
उसके लिए
(in) the religion
ٱلدِّينَ
दीन को

Inna anzalna ilayka alkitaba bialhaqqi fao'budi Allaha mukhlisan lahu alddeena

Muhammad Faruq Khan Sultanpuri & Muhammad Ahmed:

निस्संदेह हमने यह किताब तुम्हारी ओर सत्य के साथ अवतरित की है

English Sahih:

Indeed, We have sent down to you the Book, [O Muhammad], in truth. So worship Allah, [being] sincere to Him in religion.

1 | Suhel Farooq Khan/Saifur Rahman Nadwi

(ऐ रसूल) हमने किताब (कुरान) को बिल्कुल ठीक नाज़िल किया है तो तुम इबादत को उसी के लिए निरा खुरा करके खुदा की बन्दगी किया करो

2 | Azizul-Haqq Al-Umary

हमने आपकी ओर ये पुस्तक सत्य के साथ अवतरित की है। अतः, इबादत (वंदना) करो अल्लाह की शुध्द करते हुए उसके लिए धर्म को।