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सूरह अल-अह्काफ़ आयत २२

قَالُوْٓا اَجِئْتَنَا لِتَأْفِكَنَا عَنْ اٰلِهَتِنَاۚ فَأْتِنَا بِمَا تَعِدُنَآ اِنْ كُنْتَ مِنَ الصّٰدِقِيْنَ   ( الأحقاف: ٢٢ )

They said
قَالُوٓا۟
उन्होंने कहा
"Have you come to us
أَجِئْتَنَا
क्या आया है तू हमारे पास
to turn us away
لِتَأْفِكَنَا
ताकि तू फेरदे हमें
from
عَنْ
हमारे इलाहों से
our gods?
ءَالِهَتِنَا
हमारे इलाहों से
Then bring us
فَأْتِنَا
पस ले आ हमारे पास
what
بِمَا
जिसकी
you threaten us
تَعِدُنَآ
तू धमकी देता है हमें
if
إِن
अगर
you are
كُنتَ
है तू
of
مِنَ
सच्चों में से
the truthful"
ٱلصَّٰدِقِينَ
सच्चों में से

Qaloo ajitana litafikana 'an alihatina fatina bima ta'iduna in kunta mina alssadiqeena (al-ʾAḥq̈āf 46:22)

Muhammad Faruq Khan Sultanpuri & Muhammad Ahmed:

उन्होंने कहा, 'क्या तू हमारे पास इसलिए आया है कि झूठ बोलकर हमको अपने उपास्यों से विमुख कर दे? अच्छा, तो हमपर ले आ, जिसकी तू हमें धमकी देता है, यदि तू सच्चा है।'

English Sahih:

They said, "Have you come to delude us away from our gods? Then bring us what you promise us, if you should be of the truthful." ([46] Al-Ahqaf : 22)

1 Suhel Farooq Khan/Saifur Rahman Nadwi

वह बोले क्या तुम हमारे पास इसलिए आए हो कि हमको हमारे माबूदों से फेर दो तो अगर तुम सच्चे हो तो जिस अज़ाब की तुम हमें धमकी देते हो ले आओ