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اِنَّمَا يُرِيْدُ الشَّيْطٰنُ اَنْ يُّوْقِعَ بَيْنَكُمُ الْعَدَاوَةَ وَالْبَغْضَاۤءَ فِى الْخَمْرِ وَالْمَيْسِرِ وَيَصُدَّكُمْ عَنْ ذِكْرِ اللّٰهِ وَعَنِ الصَّلٰوةِ فَهَلْ اَنْتُمْ مُّنْتَهُوْنَ   ( المائدة: ٩١ )

Only
إِنَّمَا
बेशक
intends
يُرِيدُ
चाहता है
the Shaitaan
ٱلشَّيْطَٰنُ
शैतान
to
أَن
कि
cause
يُوقِعَ
वो डाल दे
between you
بَيْنَكُمُ
दर्मियान तुम्हारे
[the] enmity
ٱلْعَدَٰوَةَ
अदावत
and [the] hatred
وَٱلْبَغْضَآءَ
और बुग़्ज़
through
فِى
बवजह शराब (नशे)
intoxicants
ٱلْخَمْرِ
बवजह शराब (नशे)
and gambling
وَٱلْمَيْسِرِ
और जुए के
and hinders you
وَيَصُدَّكُمْ
और रोक दे तुम्हें
from
عَن
ज़िक्र से
(the) remembrance
ذِكْرِ
ज़िक्र से
(of) Allah
ٱللَّهِ
अल्लाह के
and from
وَعَنِ
और नमाज़ से
the prayer
ٱلصَّلَوٰةِۖ
और नमाज़ से
So will
فَهَلْ
तो क्या
you
أَنتُم
तुम
(be) the ones who abstain?
مُّنتَهُونَ
बाज़ आने वाले हो

Innama yureedu alshshaytanu an yooqi'a baynakumu al'adawata waalbaghdaa fee alkhamri waalmaysiri wayasuddakum 'an thikri Allahi wa'ani alssalati fahal antum muntahoona (al-Māʾidah 5:91)

Muhammad Faruq Khan Sultanpuri & Muhammad Ahmed:

शैतान तो बस यही चाहता है कि शराब और जुए के द्वारा तुम्हारे बीच शत्रुता और द्वेष पैदा कर दे और तुम्हें अल्लाह की याद से और नमाज़ से रोक दे, तो क्या तुम बाज़ न आओगे?

English Sahih:

Satan only wants to cause between you animosity and hatred through intoxicants and gambling and to avert you from the remembrance of Allah and from prayer. So will you not desist? ([5] Al-Ma'idah : 91)

1 Suhel Farooq Khan/Saifur Rahman Nadwi

शैतान की तो बस यही तमन्ना है कि शराब और जुए की बदौलत तुममें बाहम अदावत व दुशमनी डलवा दे और ख़ुदा की याद और नमाज़ से बाज़ रखे तो क्या तुम उससे बाज़ आने वाले हो