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अल-माइदा आयत ९० | Al-Maidah 5:90

O you
يَٰٓأَيُّهَا
ऐ लोगो जो
who
ٱلَّذِينَ
ऐ लोगो जो
believe!
ءَامَنُوٓا۟
ईमान लाए हो
Verily
إِنَّمَا
बेशक
the intoxicants
ٱلْخَمْرُ
शराब (नशा)
and [the] games of chance
وَٱلْمَيْسِرُ
और जुआ
and (sacrifices at) altars
وَٱلْأَنصَابُ
और बुत
and divining arrows
وَٱلْأَزْلَٰمُ
और फ़ाल के तीर
(are an) abomination
رِجْسٌ
नापाक हैं
from
مِّنْ
अमल से हैं
(the) work
عَمَلِ
अमल से हैं
(of) the Shaitaan
ٱلشَّيْطَٰنِ
शैतान के
so avoid it
فَٱجْتَنِبُوهُ
पस बचो इससे
so that you may
لَعَلَّكُمْ
ताकि तुम
(be) successful
تُفْلِحُونَ
तुम फ़लाह पाओ

Ya ayyuha allatheena amanoo innama alkhamru waalmaysiru waalansabu waalazlamu rijsun min 'amali alshshaytani faijtaniboohu la'allakum tuflihoona

Muhammad Faruq Khan Sultanpuri & Muhammad Ahmed:

ऐ ईमान लानेवालो! ये शराब और जुआ और देवस्थान और पाँसे तो गन्दे शैतानी काम है। अतः तुम इनसे अलग रहो, ताकि तुम सफल हो

English Sahih:

O you who have believed, indeed, intoxicants, gambling, [sacrificing on] stone alters [to other than Allah], and divining arrows are but defilement from the work of Satan, so avoid it that you may be successful.

1 | Suhel Farooq Khan/Saifur Rahman Nadwi

ऐ ईमानदारों शराब, जुआ और बुत और पाँसे तो बस नापाक (बुरे) शैतानी काम हैं तो तुम लोग इससे बचे रहो ताकि तुम फलाह पाओ

2 | Azizul-Haqq Al-Umary

हे ईमान वालो! निःसंदेह[1] मदिरा, जुआ, देवस्थान[2] और पाँसे[3] शैतानी मलिन कर्म हैं, अतः इनसे दूर रहो, ताकि तुम सफल हो जाओ।