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अल-कमर आयत ३४ | Al-Qamar 54:34

Indeed We
إِنَّآ
बेशक हम
[We] sent
أَرْسَلْنَا
भेजी हमने
upon them
عَلَيْهِمْ
उन पर
a storm of stones
حَاصِبًا
पत्थरों की आँधी
except
إِلَّآ
सिवाए
(the) family
ءَالَ
आले लूत के
(of) Lut
لُوطٍۖ
आले लूत के
We saved them
نَّجَّيْنَٰهُم
निजात दी हमने उन्हें
by dawn
بِسَحَرٍ
सहर के वक़्त

Inna arsalna 'alayhim hasiban illa ala lootin najjaynahum bisaharin

Muhammad Faruq Khan Sultanpuri & Muhammad Ahmed:

हमने लूत के घरवालों के सिवा उनपर पथराव करनेवाली तेज़ वायु भेजी।

English Sahih:

Indeed, We sent upon them a storm of stones, except the family of Lot – We saved them before dawn.

1 | Suhel Farooq Khan/Saifur Rahman Nadwi

तो हमने उन पर कंकर भरी हवा चलाई मगर लूत के लड़के बाले को हमने उनको अपने फज़ल व करम से पिछले ही को बचा लिया

2 | Azizul-Haqq Al-Umary

तो हमने भेज दिये उनपर पत्थर लूत के परिजनों के सिवा, हमने उन्हें बचा लिया रात्रि के पिछले पहर।