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अल-अनाम आयत १४६ | Al-Anam 6:146

And to
وَعَلَى
और उन लोगों पर जो
those who
ٱلَّذِينَ
और उन लोगों पर जो
are Jews
هَادُوا۟
यहूदी बन गए
We forbade
حَرَّمْنَا
हराम कर दिया हमने
every
كُلَّ
हर
(animal) with
ذِى
नाख़ून वाला (जानवर)
claws
ظُفُرٍۖ
नाख़ून वाला (जानवर)
and of
وَمِنَ
और गाय में से
the cows
ٱلْبَقَرِ
और गाय में से
and the sheep
وَٱلْغَنَمِ
और बकरी में से
We forbade
حَرَّمْنَا
हराम की हमने
to them
عَلَيْهِمْ
उन पर
their fat
شُحُومَهُمَآ
चरबियाँ इन दोनों की
except
إِلَّا
मगर
what
مَا
जो
carried
حَمَلَتْ
उठाया हो
their backs
ظُهُورُهُمَآ
उन दोनों की पुश्तों ने
or
أَوِ
या
the entrails
ٱلْحَوَايَآ
आँतों ने
or
أَوْ
या
what
مَا
जो
(is) joined
ٱخْتَلَطَ
मिल जाए
with the bone
بِعَظْمٍۚ
साथ हड्डी के
That
ذَٰلِكَ
ये
(is) their recompense
جَزَيْنَٰهُم
बदला दिया हमने उन्हें
for their rebellion
بِبَغْيِهِمْۖ
बवजह उनकी सरकशी के
And indeed, We
وَإِنَّا
और बेशक हम
[surely] are truthful
لَصَٰدِقُونَ
अलबत्ता सच्चे हैं

Wa'ala allatheena hadoo harramna kulla thee thufurin wamina albaqari waalghanami harramna 'alayhim shuhoomahuma illa ma hamalat thuhooruhuma awi alhawaya aw ma ikhtalata bi'athmin thalika jazaynahum bibaghyihim wainna lasadiqoona

Muhammad Faruq Khan Sultanpuri & Muhammad Ahmed:

और उन लोगों के लिए जो यहूदी हुए हमने नाख़ूनवाला जानवर हराम किया और गाय और बकरी में से इन दोनों की चरबियाँ उनके लिए हराम कर दी थीं, सिवाय उस (चर्बी) के जो उन दोनों की पीठों या आँखों से लगी हुई या हड़्डी से मिली हुई हो। यह बात ध्यान में रखो। हमने उन्हें उनकी सरकशी का बदला दिया था और निश्चय ही हम सच्चे है

English Sahih:

And to those who are Jews We prohibited every animal of uncloven hoof; and of the cattle and the sheep We prohibited to them their fat, except what adheres to their backs or the entrails or what is joined with bone. [By] that We repaid them for their transgression. And indeed, We are truthful.

1 | Suhel Farooq Khan/Saifur Rahman Nadwi

और हमने यहूदियों पर तमाम नाख़ूनदार जानवर हराम कर दिये थे और गाय और बकरी दोनों की चरबियां भी उन पर हराम कर दी थी मगर जो चरबी उनकी दोनों पीठ या आतों पर लगी हो या हडड्ी से मिली हुई हो (वह हलाल थी) ये हमने उन्हें उनकी सरक़शी की सज़ा दी थी और उसमें तो शक ही नहीं कि हम ज़रूर सच्चे हैं

2 | Azizul-Haqq Al-Umary

तथा हमने यहूदियों पर नखधारी[1] जीव ह़राम कर दिये थे और गाय तथा बकरी में से उनपर दोनों की चर्बियाँ ह़राम (वर्जित) कर दी[2] थीं। परन्तु जो दोनों की पीठों या आँतों से लगी हों अथवा जो किसी हड्डी से मिली हुई हो। ये हमने उनकी अवज्ञा के कारण उन्हें[3] प्रतिकार (बदला) दिया था तथा निश्चय हम सच्चे हैं।