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अल्-मुद्दस्सिर आयत ५२ | Al-Muddaththir 74:52

Nay!
بَلْ
बल्कि
Desires
يُرِيدُ
चाहता है
every
كُلُّ
हर
person
ٱمْرِئٍ
आदमी
of them
مِّنْهُمْ
उनमें से
that
أَن
कि
he may be given
يُؤْتَىٰ
वो दिया जाए
pages
صُحُفًا
सहीफ़े
spread out
مُّنَشَّرَةً
खुले हुए

Bal yureedu kullu imriin minhum an yuta suhufan munashsharatan

Muhammad Faruq Khan Sultanpuri & Muhammad Ahmed:

नहीं, बल्कि उनमें से प्रत्येक व्यक्ति चाहता है कि उसे खुली किताबें दी जाएँ

English Sahih:

Rather, every person among them desires that he would be given scriptures spread about.

1 | Suhel Farooq Khan/Saifur Rahman Nadwi

असल ये है कि उनमें से हर शख़्श इसका मुतमइनी है कि उसे खुली हुई (आसमानी) किताबें अता की जाएँ

2 | Azizul-Haqq Al-Umary

बल्कि चाहता है प्रत्येक व्यक्ति उनमें से कि उसे खुली[1] पुस्तक दी जाये।