Skip to main content

अल्-मुद्दस्सिर आयत ५६

وَمَا يَذْكُرُوْنَ اِلَّآ اَنْ يَّشَاۤءَ اللّٰهُ ۗهُوَ اَهْلُ التَّقْوٰى وَاَهْلُ الْمَغْفِرَةِ ࣖ  ( المدثر: ٥٦ )

And not
وَمَا
और नहीं
will pay heed
يَذْكُرُونَ
वो नसीहत हासिल करेंगे
except
إِلَّآ
मगर
that
أَن
ये कि
wills
يَشَآءَ
चाहे
Allah
ٱللَّهُۚ
अल्लाह
He
هُوَ
वो ही
(is) worthy
أَهْلُ
लायक़ है
to be feared
ٱلتَّقْوَىٰ
तक़्वा के
and worthy
وَأَهْلُ
और लायक़ है
to forgive
ٱلْمَغْفِرَةِ
बख़्शने के

Wama yathkuroona illa an yashaa Allahu huwa ahlu alttaqwa waahlu almaghfirati (al-Muddathir 74:56)

Muhammad Faruq Khan Sultanpuri & Muhammad Ahmed:

और वे नसीहत हासिल नहीं करेंगे। यह और बात है कि अल्लाह ही ऐसा चाहे। वही इस योग्य है कि उसका डर रखा जाए और इस योग्य भी कि क्षमा करे

English Sahih:

And they will not remember except that Allah wills. He is worthy of fear and adequate for [granting] forgiveness. ([74] Al-Muddaththir : 56)

1 Suhel Farooq Khan/Saifur Rahman Nadwi

और ख़ुदा की मशीयत के बग़ैर ये लोग याद रखने वाले नहीं वही (बन्दों के) डराने के क़ाबिल और बख्यिश का मालिक है