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وَاٰخَرُوْنَ اعْتَرَفُوْا بِذُنُوْبِهِمْ خَلَطُوْا عَمَلًا صَالِحًا وَّاٰخَرَ سَيِّئًاۗ عَسَى اللّٰهُ اَنْ يَّتُوْبَ عَلَيْهِمْۗ اِنَّ اللّٰهَ غَفُوْرٌ رَّحِيْمٌ   ( التوبة: ١٠٢ )

And others
وَءَاخَرُونَ
और कुछ दूसरे
(who have) acknowledged
ٱعْتَرَفُوا۟
जिन्होंने ऐतराफ़ किया
their sins
بِذُنُوبِهِمْ
अपने गुनाहों का
They had mixed
خَلَطُوا۟
उन्होंने मिला दिए
a deed
عَمَلًا
कुछ अमल
righteous
صَٰلِحًا
नेक
(with) other
وَءَاخَرَ
और दूसरे
(that was) evil
سَيِّئًا
बुरे
Perhaps
عَسَى
उम्मीद है
Allah
ٱللَّهُ
अल्लाह
[that]
أَن
कि
will turn (in mercy)
يَتُوبَ
वो मेहरबान हो
to them
عَلَيْهِمْۚ
उन पर
Indeed
إِنَّ
बेशक
Allah
ٱللَّهَ
अल्लाह
(is) Oft-Forgiving
غَفُورٌ
बहुत बख़्शने वाला है
Most Merciful
رَّحِيمٌ
निहायत रहम करने वाला है

Waakharoona i'tarafoo bithunoobihim khalatoo 'amalan salihan waakhara sayyian 'asa Allahu an yatooba 'alayhim inna Allaha ghafoorun raheemun (at-Tawbah 9:102)

Muhammad Faruq Khan Sultanpuri & Muhammad Ahmed:

और दूसरे कुछ लोग है जिन्होंने अपने गुनाहों का इक़रार किया। उन्होंने मिले-जुले कर्म किए, कुछ अच्छे और कुछ बुरे। आशा है कि अल्लाह की कृपा-स्पष्ट उनपर हो। निस्संदेह अल्लाह अत्यन्त क्षमाशील, दयावान है

English Sahih:

And [there are] others who have acknowledged their sins. They had mixed [i.e., polluted] a righteous deed with another that was bad. Perhaps Allah will turn to them in forgiveness. Indeed, Allah is Forgiving and Merciful. ([9] At-Tawbah : 102)

1 Suhel Farooq Khan/Saifur Rahman Nadwi

और कुछ लोग हैं जिन्होंने अपने गुनाहों का (तो) एकरार किया (मगर) उन लोगों ने भले काम को और कुछ बुरे काम को मिला जुला (कर गोलमाल) कर दिया क़रीब है कि ख़ुदा उनकी तौबा कुबूल करे (क्योंकि) ख़ुदा तो यक़ीनी बड़ा बख़्शने वाला मेहरबान हैं