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قُلْ لَّنْ يُّصِيْبَنَآ اِلَّا مَا كَتَبَ اللّٰهُ لَنَاۚ هُوَ مَوْلٰىنَا وَعَلَى اللّٰهِ فَلْيَتَوَكَّلِ الْمُؤْمِنُوْنَ   ( التوبة: ٥١ )

Say
قُل
कह दीजिए
"Never
لَّن
हरगिज़ नहीं
will befall us
يُصِيبَنَآ
पहुँचेगा हमें
except
إِلَّا
मगर (वो ही)
what
مَا
जो
Allah has decreed
كَتَبَ
लिख दिया
Allah has decreed
ٱللَّهُ
अल्लाह ने
for us
لَنَا
हमारे लिए
He
هُوَ
वो
(is) our Protector"
مَوْلَىٰنَاۚ
मौला है हमारा
And on
وَعَلَى
और अल्लाह ही पर
Allah
ٱللَّهِ
और अल्लाह ही पर
[so] let the believers put (their) trust
فَلْيَتَوَكَّلِ
पस चाहिए कि तवक्कल करें
[so] let the believers put (their) trust
ٱلْمُؤْمِنُونَ
ईमान लाने वाले

Qul lan yuseebana illa ma kataba Allahu lana huwa mawlana wa'ala Allahi falyatawakkali almuminoona (at-Tawbah 9:51)

Muhammad Faruq Khan Sultanpuri & Muhammad Ahmed:

कह दो, 'हमें कुछ भी पेश नहीं आ सकता सिवाय उसके जो अल्लाह ने लिख दिया है। वही हमारा स्वामी है। और ईमानवालों को अल्लाह ही पर भरोसा करना चाहिए।'

English Sahih:

Say, "Never will we be struck except by what Allah has decreed for us; He is our protector." And upon Allah let the believers rely. ([9] At-Tawbah : 51)

1 Suhel Farooq Khan/Saifur Rahman Nadwi

(ऐ रसूल) तुम कह दो कि हम पर हरगिज़ कोई मुसीबत पड़ नही सकती मगर जो ख़ुदा ने तुम्हारे लिए (हमारी तक़दीर में) लिख दिया है वही हमारा मालिक है और ईमानदारों को चाहिए भी कि ख़ुदा ही पर भरोसा रखें