Skip to main content

क़ुरइश आयत २ | Quraysh 106:2

Their familiarity
إِۦلَٰفِهِمْ
मानूस करना उन्हें
(with the) journey
رِحْلَةَ
सफ़र से
(of) winter
ٱلشِّتَآءِ
सर्दी के
and summer
وَٱلصَّيْفِ
और गर्मा के

Eelafihim rihlata alshshitai waalssayfi

Muhammad Faruq Khan Sultanpuri & Muhammad Ahmed:

लगाए और परचाए रखना उन्हें जाड़े और गर्मी की यात्रा से

English Sahih:

Their accustomed security [in] the caravan of winter and summer.

1 | Suhel Farooq Khan/Saifur Rahman Nadwi

तो उनको मानूस कर देने की वजह से

2 | Azizul-Haqq Al-Umary

उनके जाड़े तथा गर्मी की यात्रा का स्वभाव बनाने के कारण।[1]