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مَنْ كَانَ يُرِيْدُ الْحَيٰوةَ الدُّنْيَا وَزِيْنَتَهَا نُوَفِّ اِلَيْهِمْ اَعْمَالَهُمْ فِيْهَا وَهُمْ فِيْهَا لَا يُبْخَسُوْنَ  ( هود: ١٥ )

Whoever [is]
مَن
जो कोई
Whoever [is]
كَانَ
है
desires
يُرِيدُ
चाहता
the life
ٱلْحَيَوٰةَ
ज़िन्दगी
(of) the world
ٱلدُّنْيَا
दुनिया की
and its adornments
وَزِينَتَهَا
और ज़ीनत उसकी
We will repay in full
نُوَفِّ
हम पूरा-पूरा देंगे
to them
إِلَيْهِمْ
तरफ़ उनके
(for) their deeds
أَعْمَٰلَهُمْ
उनके आमाल (का अजर)
therein
فِيهَا
उसमें
and they
وَهُمْ
और वो
in it
فِيهَا
उसमें
will not be lessened
لَا
ना वो कमी किए जाऐंगे
will not be lessened
يُبْخَسُونَ
ना वो कमी किए जाऐंगे

Man kana yureedu alhayata alddunya wazeenataha nuwaffi ilayhim a'malahum feeha wahum feeha la yubkhasoona (Hūd 11:15)

Muhammad Faruq Khan Sultanpuri & Muhammad Ahmed:

जो व्यक्ति सांसारिक जीवन और उसकी शोभा का इच्छुक हो तो ऐसे लोगों को उनके कर्मों का पूरा-पूरा बदला हम यहीं दे देते है और इसमें उनका कोई हक़ नहीं मारा जाता

English Sahih:

Whoever desires the life of this world and its adornments – We fully repay them for their deeds therein, and they therein will not be deprived. ([11] Hud : 15)

1 Suhel Farooq Khan/Saifur Rahman Nadwi

नेकी करने वालों में से जो शख़्श दुनिया की ज़िन्दगी और उसके रिज़क़ का तालिब हो तो हम उन्हें उनकी कारगुज़ारियों का बदला दुनिया ही में पूरा पूरा भर देते हैं और ये लोग दुनिया में घाटे में नहीं रहेगें