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युसूफ आयत ८८ | Yusuf 12:88

So when
فَلَمَّا
फिर जब
they entered
دَخَلُوا۟
वो दाख़िल हुए
upon him
عَلَيْهِ
उस पर
they said
قَالُوا۟
वो कहने लगे
"O Aziz!
يَٰٓأَيُّهَا
ऐ अज़ीज़
"O Aziz!
ٱلْعَزِيزُ
ऐ अज़ीज़
Has touched us
مَسَّنَا
पहुँची हमें
and our family
وَأَهْلَنَا
और हमारे घर वालों को
the adversity
ٱلضُّرُّ
तकलीफ़
and we have come
وَجِئْنَا
और लाए हैं हम
with goods
بِبِضَٰعَةٍ
पूँजी/सरमाया
(of) little value
مُّزْجَىٰةٍ
हक़ीर
but pay (in) full
فَأَوْفِ
पस पूरा-पूरा दे दीजिए
to us
لَنَا
हमें
the measure
ٱلْكَيْلَ
पैमाना/ग़ल्ला
and be charitable
وَتَصَدَّقْ
और सदक़ा कीजिए
to us
عَلَيْنَآۖ
हम पर
Indeed
إِنَّ
बेशक
Allah
ٱللَّهَ
अल्लाह
rewards
يَجْزِى
वो बदला देता है
the charitable"
ٱلْمُتَصَدِّقِينَ
सदक़ा करने वालों को

Falamma dakhaloo 'alayhi qaloo ya ayyuha al'azeezu massana waahlana alddurru wajina bibida'atin muzjatin faawfi lana alkayla watasaddaq 'alayna inna Allaha yajzee almutasaddiqeena

Muhammad Faruq Khan Sultanpuri & Muhammad Ahmed:

फिर जब वे उसके पास उपस्थित हुए तो कहा, 'ऐ अज़ीज़! हमें और हमारे घरवालों को बहुत तकलीफ़ पहुँची हैं और हम कुछ तुच्छ-सी पूँजी लेकर आए है, किन्तु आप हमें पूरी-पूरी माप प्रदान करें। और हमें दान दें। निश्चय ही दान करनेवालों को बदला अल्लाह देता है।'

English Sahih:

So when they entered upon him [i.e., Joseph], they said, "O Azeez, adversity has touched us and our family, and we have come with goods poor in quality, but give us full measure and be charitable to us. Indeed, Allah rewards the charitable."

1 | Suhel Farooq Khan/Saifur Rahman Nadwi

फिर जब ये लोग यूसुफ के पास गए तो (बहुत गिड़गिड़ाकर) अर्ज़ की कि ऐ अज़ीज़ हमको और हमारे (सारे) कुनबे को कहत की वजह से बड़ी तकलीफ हो रही है और हम कुछ थोड़ी सी पूंजी लेकर आए हैं तो हम को (उसके ऐवज़ पर पूरा ग़ल्ला दिलवा दीजिए और (क़ीमत ही पर नहीं) हम को (अपना) सदक़ा खैरात दीजिए इसमें तो शक़ नहीं कि ख़ुदा सदक़ा ख़ैरात देने वालों को जजाए ख़ैर देता है

2 | Azizul-Haqq Al-Umary

फिर जब (यूसुफ़ के भाई) उसके पास (मिस्र) गये, तो कहाः हे अज़ीज़! हमपर और गमारे घराने पर आपदा (अकाल) आ पड़ी है और हम थोड़ा धन (मूल्य) लाये हैं, अतः हमें (अन्न का) पूरा माप दें और हम पर दान करें। वास्तव में, अल्लाह दानशीलों को प्रतिफल प्रदान करता है।