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अल हिज्र आयत २९ | Al-Hijr 15:29

So when
فَإِذَا
फिर जब
I have fashioned him
سَوَّيْتُهُۥ
दुरुस्त कर दूँ मैं उसे
and [I] breathed
وَنَفَخْتُ
और फूँक दूँ मैं
into him
فِيهِ
उसमें
of
مِن
अपनी रूह से
My spirit
رُّوحِى
अपनी रूह से
then fall down
فَقَعُوا۟
तो गिर पड़ना
to him
لَهُۥ
उसके लिए
prostrating"
سَٰجِدِينَ
सजदा करते हुए

Faitha sawwaytuhu wanafakhtu feehi min roohee faqa'oo lahu sajideena

Muhammad Faruq Khan Sultanpuri & Muhammad Ahmed:

तो जब मैं उसे पूरा बना चुकूँ और उसमें अपनी रूह फूँक दूँ तो तुम उसके आगे सजदे में गिर जाना!'

English Sahih:

And when I have proportioned him and breathed into him of My [created] soul, then fall down to him in prostration."

1 | Suhel Farooq Khan/Saifur Rahman Nadwi

तो जिस वक्त मै उसको हर तरह से दुरुस्त कर चुके और उसमें अपनी (तरफ से) रुह फूँक दूँ तो सब के सब उसके सामने सजदे में गिर पड़ना

2 | Azizul-Haqq Al-Umary

तो जब मैं उसे पूरा बना लूँ और उसमें अपनी आत्मा फूँक दूँ, तो उसके लिए सज्दे में गिर जाना[1]।