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अल कहफ़ आयत १०५ | Al-Kahf 18:105

Those
أُو۟لَٰٓئِكَ
यही वो लोग हैं
(are) the ones who
ٱلَّذِينَ
जिन्होंने
disbelieve
كَفَرُوا۟
कुफ़्र किया
in the Verses
بِـَٔايَٰتِ
साथ आयात के
(of) their Lord
رَبِّهِمْ
अपने रब की
and the meeting (with) Him
وَلِقَآئِهِۦ
और उसकी मुलाक़ात की
So (are) vain
فَحَبِطَتْ
तो ज़ाया हो गए
their deeds
أَعْمَٰلُهُمْ
आमाल उनके
so not
فَلَا
तो नहीं
We will assign
نُقِيمُ
हम क़ायम करेंगे
for them
لَهُمْ
उनके लिए
(on) the Day
يَوْمَ
दिन
(of) the Resurrection
ٱلْقِيَٰمَةِ
क़यामत के
any weight
وَزْنًا
कोई वज़न

Olaika allatheena kafaroo biayati rabbihim waliqaihi fahabitat a'maluhum fala nuqeemu lahum yawma alqiyamati waznan

Muhammad Faruq Khan Sultanpuri & Muhammad Ahmed:

यही वे लोग है जिन्होंने अपने रब की आयतों का और उससे मिलन का इनकार किया। अतः उनके कर्म जान को लागू हुए, तो हम क़ियामत के दिन उन्हें कोई वज़न न देंगे

English Sahih:

Those are the ones who disbelieve in the verses of their Lord and in [their] meeting Him, so their deeds have become worthless; and We will not assign to them on the Day of Resurrection any weight [i.e., importance].

1 | Suhel Farooq Khan/Saifur Rahman Nadwi

यही वह लोग हैं जिन्होंने अपने परवरदिगार की आयातों से और (क़यामत के दिन) उसके सामने हाज़िर होने से इन्कार किया तो उनका सब किया कराया अकारत हुआ तो हम उसके लिए क़यामत के दिन मीजान हिसाब भी क़ायम न करेंगे

2 | Azizul-Haqq Al-Umary

यही वे लोग हैं, जिन्होंने नहीं माना अपने पालनहार की आयतों तथा उससे मिलने को, अतः हम प्रलय के दिन उनका कोई भार निर्धारित नहीं करेंगे[1]।