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bismillah
ٱلْحَمْدُ
सब तारीफ़
لِلَّهِ
अल्लाह के लिए है
ٱلَّذِىٓ
वो जिसने
أَنزَلَ
नाज़िल किया
عَلَىٰ
अपने बन्दे पर
عَبْدِهِ
अपने बन्दे पर
ٱلْكِتَٰبَ
किताब को
وَلَمْ
और नहीं
يَجْعَل
उसने रखा
لَّهُۥ
उसमें
عِوَجَاۜ
कोई टेढ़ापन

Alhamdu lillahi allathee anzala 'ala 'abdihi alkitaba walam yaj'al lahu 'iwajan

प्रशंसा अल्लाह के लिए है जिसने अपने बन्दे पर यह किताब अवतरित की और उसमें (अर्थात उस बन्दे में) कोई टेढ़ नहीं रखी,

Tafseer (तफ़सीर )
قَيِّمًا
बिल्कुल सीधी
لِّيُنذِرَ
ताकि वो डराए
بَأْسًا
अज़ाब
شَدِيدًا
सख़्त से
مِّن
उसकी तरफ़ से
لَّدُنْهُ
उसकी तरफ़ से
وَيُبَشِّرَ
और वो ख़ुशख़बरी दे
ٱلْمُؤْمِنِينَ
मोमिनों को
ٱلَّذِينَ
वो जो
يَعْمَلُونَ
अमल करते हैं
ٱلصَّٰلِحَٰتِ
नेक
أَنَّ
कि बेशक
لَهُمْ
उनके लिए
أَجْرًا
अजर है
حَسَنًا
अच्छा

Qayyiman liyunthira basan shadeedan min ladunhu wayubashshira almumineena allatheena ya'maloona alssalihati anna lahum ajran hasanan

ठीक और दूरुस्त, ताकि एक कठोर आपदा से सावधान कर दे जो उसकी और से आ पड़ेगी। और मोमिनों को, जो अच्छे कर्म करते है, शुभ सूचना दे दे कि उनके लिए अच्छा बदला है;

Tafseer (तफ़सीर )
مَّٰكِثِينَ
रहने वाले हैं
فِيهِ
उसमें
أَبَدًا
हमेशा-हमेशा

Makitheena feehi abadan

जिसमें वे सदैव रहेंगे

Tafseer (तफ़सीर )
وَيُنذِرَ
और वो डराए
ٱلَّذِينَ
उनको जिन्होंने
قَالُوا۟
कहा
ٱتَّخَذَ
बना ली
ٱللَّهُ
अल्लाह ने
وَلَدًا
कोई औलाद

Wayunthira allatheena qaloo ittakhatha Allahu waladan

और उनको सावधान कर दे, जो कहते है, 'अल्लाह सन्तानवाला है।'

Tafseer (तफ़सीर )
مَّا
नहीं
لَهُم
उन्हें
بِهِۦ
इसका
مِنْ
कोई इल्म
عِلْمٍ
कोई इल्म
وَلَا
और ना
لِءَابَآئِهِمْۚ
उनके आबा ओ अजदाद को
كَبُرَتْ
बहुत बड़ी है
كَلِمَةً
बात
تَخْرُجُ
जो निकलती है
مِنْ
उनके मुँहों से
أَفْوَٰهِهِمْۚ
उनके मुँहों से
إِن
नहीं
يَقُولُونَ
वो कहते
إِلَّا
मगर
كَذِبًا
झूठ

Ma lahum bihi min 'ilmin wala liabaihim kaburat kalimatan takhruju min afwahihim in yaqooloona illa kathiban

इसका न उन्हें कोई ज्ञान है और न उनके बाप-दादा ही को था। बड़ी बात है जो उनके मुँह से निकलती है। वे केवल झूठ बोलते है

Tafseer (तफ़सीर )
فَلَعَلَّكَ
पस शायद कि आप
بَٰخِعٌ
हलाक करने वाले हैं
نَّفْسَكَ
अपनी जान को
عَلَىٰٓ
उनके पीछे
ءَاثَٰرِهِمْ
उनके पीछे
إِن
अगर
لَّمْ
ना
يُؤْمِنُوا۟
वो ईमान लाऐं
بِهَٰذَا
साथ इस
ٱلْحَدِيثِ
कलाम के
أَسَفًا
ग़म के मारे

Fala'allaka bakhi'un nafsaka 'ala atharihim in lam yuminoo bihatha alhadeethi asafan

अच्छा, शायद उनके पीछे, यदि उन्होंने यह बात न मानी तो तुम अफ़सोस के मारे अपने प्राण ही खो दोगे!

Tafseer (तफ़सीर )
إِنَّا
बेशक हम
جَعَلْنَا
बनाया हमने
مَا
उसको जो
عَلَى
ज़मीन पर है
ٱلْأَرْضِ
ज़मीन पर है
زِينَةً
ज़ीनत/आराइश
لَّهَا
उसके लिए
لِنَبْلُوَهُمْ
ताकि हम आज़माऐं उन्हें
أَيُّهُمْ
कौन सा उनमें से
أَحْسَنُ
ज़्यादा अच्छा है
عَمَلًا
अमल में

Inna ja'alna ma 'ala alardi zeenatan laha linabluwahum ayyuhum ahsanu 'amalan

धरती पर जो कुछ है उसे तो हमने उसकी शोभा बनाई है, ताकि हम उनकी परीक्षा लें कि उनमें कर्म की दृष्टि से कौन उत्तम है

Tafseer (तफ़सीर )
وَإِنَّا
और बेशक हम
لَجَٰعِلُونَ
अलबत्ता बनाने वाले हैं
مَا
उसको जो
عَلَيْهَا
उस पर है
صَعِيدًا
मैदान
جُرُزًا
चटियल

Wainna laja'iloona ma 'alayha sa'eedan juruzan

और जो कुछ उसपर है उसे तो हम एक चटियल मैदान बना देनेवाले है

Tafseer (तफ़सीर )
أَمْ
क्या
حَسِبْتَ
समझा आपने
أَنَّ
कि बेशक
أَصْحَٰبَ
ग़ार वाले
ٱلْكَهْفِ
ग़ार वाले
وَٱلرَّقِيمِ
और कतबे वाले
كَانُوا۟
थे वो
مِنْ
हमारी निशानियों में से
ءَايَٰتِنَا
हमारी निशानियों में से
عَجَبًا
अजीब

Am hasibta anna ashaba alkahfi waalrraqeemi kanoo min ayatina 'ajaban

क्या तुम समझते हो कि गुफा और रक़ीमवाले हमारी अद्भु त निशानियों में से थे?

Tafseer (तफ़सीर )
إِذْ
जब
أَوَى
पनाह ली
ٱلْفِتْيَةُ
उन नौजवानों ने
إِلَى
तरफ़
ٱلْكَهْفِ
ग़ार के
فَقَالُوا۟
फिर वो कहने लगे
رَبَّنَآ
ऐ हमारे रब
ءَاتِنَا
दे हमें
مِن
अपने पास से
لَّدُنكَ
अपने पास से
رَحْمَةً
रहमत
وَهَيِّئْ
और मुहैय्या कर
لَنَا
हमारे लिए
مِنْ
हमारे मामले में
أَمْرِنَا
हमारे मामले में
رَشَدًا
रहनुमाई

Ith awa alfityatu ila alkahfi faqaloo rabbana atina min ladunka rahmatan wahayyi lana min amrina rashadan

जब उन नवयुवकों ने गुफ़ा में जाकर शरण ली तो कहा, 'हमारे रब! हमें अपने यहाँ से दयालुता प्रदान कर और हमारे लिए हमारे अपने मामले को ठीक कर दे।'

Tafseer (तफ़सीर )
कुरान की जानकारी :
अल कहफ़
القرآن الكريم:الكهف
आयत सजदा (سجدة):-
सूरा (latin):Al-Kahf
सूरा:18
कुल आयत:110
कुल शब्द:1570
कुल वर्ण:6360
रुकु:12
वर्गीकरण:मक्कन सूरा
Revelation Order:69
से शुरू आयत:2140