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अल कहफ़ आयत ६ | Al-Kahf 18:6

Then perhaps you would (be)
فَلَعَلَّكَ
पस शायद कि आप
the one who kills
بَٰخِعٌ
हलाक करने वाले हैं
yourself
نَّفْسَكَ
अपनी जान को
over
عَلَىٰٓ
उनके पीछे
their footsteps
ءَاثَٰرِهِمْ
उनके पीछे
if
إِن
अगर
not
لَّمْ
ना
they believe
يُؤْمِنُوا۟
वो ईमान लाऐं
in this
بِهَٰذَا
साथ इस
[the] narration
ٱلْحَدِيثِ
कलाम के
(in) grief
أَسَفًا
ग़म के मारे

Fala'allaka bakhi'un nafsaka 'ala atharihim in lam yuminoo bihatha alhadeethi asafan

Muhammad Faruq Khan Sultanpuri & Muhammad Ahmed:

अच्छा, शायद उनके पीछे, यदि उन्होंने यह बात न मानी तो तुम अफ़सोस के मारे अपने प्राण ही खो दोगे!

English Sahih:

Then perhaps you would kill yourself through grief over them, [O Muhammad], if they do not believe in this message, [and] out of sorrow.

1 | Suhel Farooq Khan/Saifur Rahman Nadwi

तो (ऐ रसूल) अगर ये लोग इस बात को न माने तो यायद तुम मारे अफसोस के उनके पीछे अपनी जान दे डालोगे

2 | Azizul-Haqq Al-Umary

तो संभवतः आप इसके पीछे अपना प्राण खो देंगे, संताप के कारण, यदि वे इस ह़दीस (क़ुर्आन) पर ईमान न लायें।