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अल बकराह आयत ४५ | Al-Baqrah 2:45

And seek help
وَٱسْتَعِينُوا۟
और मदद तलब करो
through patience
بِٱلصَّبْرِ
साथ सब्र
and the prayer;
وَٱلصَّلَوٰةِۚ
और नमाज़ के
and indeed it
وَإِنَّهَا
और बेशक वो
(is) surely difficult
لَكَبِيرَةٌ
अलबत्ता बड़ी (भारी) है
except
إِلَّا
मगर
on
عَلَى
ऊपर
the humble ones
ٱلْخَٰشِعِينَ
ख़ुशू करने वालों के

Waista'eenoo bialssabri waalssalati wainnaha lakabeeratun illa 'ala alkhashi'eena

Muhammad Faruq Khan Sultanpuri & Muhammad Ahmed:

धैर्य और नमाज़ से मदद लो, और निस्संदेह यह (नमाज) बहुत कठिन है, किन्तु उन लोगों के लिए नहीं जिनके दिल पिघले हुए हो;

English Sahih:

And seek help through patience and prayer; and indeed, it is difficult except for the humbly submissive [to Allah]

1 | Suhel Farooq Khan/Saifur Rahman Nadwi

और (मुसीबत के वक्त) सब्र और नमाज़ का सहारा पकड़ो और अलबत्ता नमाज़ दूभर तो है मगर उन ख़ाक़सारों पर (नहीं) जो बख़ूबी जानते हैं

2 | Azizul-Haqq Al-Umary

तथा धैर्य और नमाज़ का सहारा लो, निश्चय नमाज़ भारी है, परन्तु विनीतों पर (भारी नहीं)।[1]