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فَرَجَعُوْٓا اِلٰٓى اَنْفُسِهِمْ فَقَالُوْٓا اِنَّكُمْ اَنْتُمُ الظّٰلِمُوْنَ ۙ  ( الأنبياء: ٦٤ )

So they returned
فَرَجَعُوٓا۟
तो वो पलटे
to
إِلَىٰٓ
तरफ़ अपने दिलों के
themselves
أَنفُسِهِمْ
तरफ़ अपने दिलों के
and said
فَقَالُوٓا۟
तो उन्होंने कहा
"Indeed you
إِنَّكُمْ
बेशक तुम
[you]
أَنتُمُ
तुम ही
(are) the wrongdoers"
ٱلظَّٰلِمُونَ
ज़ालिम हो

Faraja'oo ila anfusihim faqaloo innakum antumu alththalimoona (al-ʾAnbiyāʾ 21:64)

Muhammad Faruq Khan Sultanpuri & Muhammad Ahmed:

तब वे उसकी ओर पलटे और कहने लगे, 'वास्तव में, ज़ालिम तो तुम्हीं लोग हो।'

English Sahih:

So they returned to [blaming] themselves and said [to each other], "Indeed, you are the wrongdoers." ([21] Al-Anbya : 64)

1 Suhel Farooq Khan/Saifur Rahman Nadwi

इस पर उन लोगों ने अपने जी में सोचा तो (एक दूसरे से) कहने लगे बेशक तुम ही लोग खुद बर सरे नाहक़ हो