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O mankind!
يَٰٓأَيُّهَا
O mankind!
ٱلنَّاسُ
लोगो
If
إِن
अगर
you are
كُنتُمْ
हो तुम
in
فِى
किसी शक में
doubt
رَيْبٍ
किसी शक में
about
مِّنَ
दोबारा जी उठने से
the Resurrection
ٱلْبَعْثِ
दोबारा जी उठने से
then indeed, We
فَإِنَّا
तो बेशक हम
We created you
خَلَقْنَٰكُم
पैदा किया हमने तुम्हें
from
مِّن
मिट्टी से
dust
تُرَابٍ
मिट्टी से
then
ثُمَّ
फिर
from
مِن
नुत्फ़े से
a semen-drop
نُّطْفَةٍ
नुत्फ़े से
then
ثُمَّ
फिर
from
مِنْ
जमे हुए ख़ून से
a clinging substance
عَلَقَةٍ
जमे हुए ख़ून से
then
ثُمَّ
फिर
from
مِن
गोश्त की बोटी से
an embryonic lump
مُّضْغَةٍ
गोश्त की बोटी से
formed
مُّخَلَّقَةٍ
शक्ल वाली
and unformed
وَغَيْرِ
और बग़ैर
and unformed
مُخَلَّقَةٍ
शक्ल वाली
that We may make clear
لِّنُبَيِّنَ
ताकि हम वाज़ेह करें
to you
لَكُمْۚ
तुम्हारे लिए
And We cause to remain
وَنُقِرُّ
और हम ठहराते हैं
in
فِى
रहमों में
the wombs
ٱلْأَرْحَامِ
रहमों में
what
مَا
जिसको
We will
نَشَآءُ
हम चाहते हैं
for
إِلَىٰٓ
मुक़र्रराह मुद्दत तक
a term
أَجَلٍ
मुक़र्रराह मुद्दत तक
appointed
مُّسَمًّى
मुक़र्रराह मुद्दत तक
then
ثُمَّ
फिर
We bring you out
نُخْرِجُكُمْ
हम निकालते हैं तुम्हें
(as) a child
طِفْلًا
बच्चा बना कर
[then]
ثُمَّ
फिर
that you may reach
لِتَبْلُغُوٓا۟
ताकि तुम पहुँचो
[your] maturity
أَشُدَّكُمْۖ
अपनी जवानी को
And among you
وَمِنكُم
और तुम में से कोई है
(is he) who
مَّن
जो
dies
يُتَوَفَّىٰ
फ़ौत किया जाता है
and among you
وَمِنكُم
और तुम में से कोई है
(is he) who
مَّن
जो
is returned
يُرَدُّ
लौटाया जाता है
to
إِلَىٰٓ
तरफ़
the most abject
أَرْذَلِ
नाकारा
age
ٱلْعُمُرِ
उम्र के
so that not
لِكَيْلَا
ताकि ना
he knows
يَعْلَمَ
वो जाने
after
مِنۢ
बाद
after
بَعْدِ
बाद
having known
عِلْمٍ
जानने के
anything
شَيْـًٔاۚ
कुछ भी
And you see
وَتَرَى
और आप देखते हैं
the earth
ٱلْأَرْضَ
ज़मीन को
barren
هَامِدَةً
ख़ुश्क
then when
فَإِذَآ
तो जब
We send down
أَنزَلْنَا
उतारते हैं हम
on it
عَلَيْهَا
उस पर
water
ٱلْمَآءَ
पानी
it gets stirred
ٱهْتَزَّتْ
वो तरो ताज़ा हो जाती है
and it swells
وَرَبَتْ
और वो उभर आती है
and grows
وَأَنۢبَتَتْ
और वो उगाती है
of
مِن
हर क़िस्म के
every
كُلِّ
हर क़िस्म के
kind
زَوْجٍۭ
हर क़िस्म के
beautiful
بَهِيجٍ
रौनक़ वाले (पौधे)

Ya ayyuha alnnasu in kuntum fee raybin mina alba'thi fainna khalaqnakum min turabin thumma min nutfatin thumma min 'alaqatin thumma min mudghatin mukhallaqatin waghayri mukhallaqatin linubayyina lakum wanuqirru fee alarhami ma nashao ila ajalin musamman thumma nukhrijukum tiflan thumma litablughoo ashuddakum waminkum man yutawaffa waminkum man yuraddu ila arthali al'umuri likayla ya'lama min ba'di 'ilmin shayan watara alarda hamidatan faitha anzalna 'alayha almaa ihtazzat warabat waanbatat min kulli zawjin baheejin

Muhammad Faruq Khan Sultanpuri & Muhammad Ahmed:

ऐ लोगो! यदि तुम्हें दोबारा जी उठने के विषय में कोई सन्देह हो तो देखो, हमने तुम्हें मिट्टी से पैदा किया, फिर वीर्य से, फिर लोथड़े से, फिर माँस की बोटी से जो बनावट में पूर्ण दशा में भी होती है और अपूर्ण दशा में भी, ताकि हम तुमपर स्पष्ट कर दें और हम जिसे चाहते है एक नियत समय तक गर्भाशयों में ठहराए रखते है। फिर तुम्हें एक बच्चे के रूप में निकाल लाते है। फिर (तुम्हारा पालन-पोषण होता है) ताकि तुम अपनी युवावस्था को प्राप्त हो और तुममें से कोई तो पहले मर जाता है और कोई बुढ़ापे की जीर्ण अवस्था की ओर फेर दिया जाता है जिसके परिणामस्वरूप, जानने के पश्चात वह कुछ भी नहीं जानता। और तुम भूमि को देखते हो कि सूखी पड़ी है। फिर जहाँ हमने उसपर पानी बरसाया कि वह फबक उठी और वह उभर आई और उसने हर प्रकार की शोभायमान चीज़े उगाई

English Sahih:

O people, if you should be in doubt about the Resurrection, then [consider that] indeed, We created you from dust, then from a sperm-drop, then from a clinging clot, and then from a lump of flesh, formed and unformed – that We may show you. And We settle in the wombs whom We will for a specified term, then We bring you out as a child, and then [We develop you] that you may reach your [time of] maturity. And among you is he who is taken in [early] death, and among you is he who is returned to the most decrepit [old] age so that he knows, after [once having] knowledge, nothing. And you see the earth barren, but when We send down upon it rain, it quivers and swells and grows [something] of every beautiful kind.

1 | Suhel Farooq Khan/Saifur Rahman Nadwi

लोगों अगर तुमको (मरने के बाद) दोबारा जी उठने में किसी तरह का शक है तो इसमें शक नहीं कि हमने तुम्हें शुरू-शुरू मिट्टी से उसके बाद नुत्फे से उसके बाद जमे हुए ख़ून से फिर उस लोथड़े से जो पूरा (सूडौल हो) या अधूरा हो पैदा किया ताकि तुम पर (अपनी कुदरत) ज़ाहिर करें (फिर तुम्हारा दोबारा ज़िन्दा) करना क्या मुश्किल है और हम औरतों के पेट में जिस (नुत्फे) को चाहते हैं एक मुद्दत मुअय्यन तक ठहरा रखते हैं फिर तुमको बच्चा बनाकर निकालते हैं फिर (तुम्हें पालते हैं) ताकि तुम अपनी जवानी को पहुँचो और तुममें से कुछ लोग तो ऐसे हैं जो (क़ब्ल बुढ़ापे के) मर जाते हैं और तुम में से कुछ लोग ऐसे हैं जो नाकारा ज़िन्दगी बुढ़ापे तक फेर लाए हैं जातें ताकि समझने के बाद सठिया के कुछ भी (ख़ाक) न समझ सके और तो ज़मीन को मुर्दा (बेकार उफ़तादा) देख रहा है फिर जब हम उस पर पानी बरसा देते हैं तो लहलहाने और उभरने लगती है और हर तरह की ख़ुशनुमा चीज़ें उगती है तो ये क़ुदरत के तमाशे इसलिए दिखाते हैं ताकि तुम जानो

2 | Azizul-Haqq Al-Umary

हे लोगो! यदि तुम किसी संदेह में हो, पुनः जीवित होने के विषय में, तो (सोचो कि) हमने तुम्हें मिट्टी से पैदा किया, फिर वीर्य से, फिर रक्त के थक्के से, फिर मांस के खण्ड से, जो चित्रित तथा चित्र विहीन होता है[1], ताकि हम उजागर कर[2] दें तुम्हारे लिए और स्थिर रखते हैं गर्भाशयों में जब तक चाहें; एक निर्धारित अवधि तक, फिर तुम्हें निकालते हैं शिशु बनाकर, फिर ताकि तुम पहुँचों अपने योवन को और तुममें से कुछ, पहले ही मर जाते हैं और तुममें से कुछ, जीर्ण आयु की ओर फेर दिये जाते हैं ताकि उसे कुछ ज्ञान न रह जाये, ज्ञान के पश्चात् तथा तुम देखते हो धरती को सूखी, फिर जब, हम उसपर जल-वर्षा करते हैं, तो सहसा लहलहाने और उभरने लगी तथा उगा देती है प्रत्येक प्रकार की सुदृश्य वनस्पतियाँ।