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وَشَجَرَةً تَخْرُجُ مِنْ طُوْرِ سَيْنَاۤءَ تَنْۢبُتُ بِالدُّهْنِ وَصِبْغٍ لِّلْاٰكِلِيْنَ   ( المؤمنون: ٢٠ )

And a tree
وَشَجَرَةً
और एक दरख़्त
(that) springs forth
تَخْرُجُ
जो निकलता है
from
مِن
तूरे-सीना से
Mount Sinai
طُورِ
तूरे-सीना से
Mount Sinai
سَيْنَآءَ
तूरे-सीना से
(which) produces
تَنۢبُتُ
वो उगता है
oil
بِٱلدُّهْنِ
साथ चिकनाई के
and a relish
وَصِبْغٍ
और सालन
for those who eat
لِّلْءَاكِلِينَ
खाने वालों के लिए

Washajaratan takhruju min toori saynaa tanbutu bialdduhni wasibghin lilakileena (al-Muʾminūn 23:20)

Muhammad Faruq Khan Sultanpuri & Muhammad Ahmed:

और वह वृक्ष भी जो सैना पर्वत से निकलता है, जो तेल और खानेवालों के लिए सालन लिए हुए उगता है

English Sahih:

And [We brought forth] a tree issuing from Mount Sinai which produces oil and food [i.e., olives] for those who eat. ([23] Al-Mu'minun : 20)

1 Suhel Farooq Khan/Saifur Rahman Nadwi

और (हम ही ने ज़ैतून का) दरख्त (पैदा किया) जो तूरे सैना (पहाड़) में (कसरत से) पैदा होता है जिससे तेल भी निकलता है और खाने वालों के लिए सालन भी है