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لَقَدْ اَضَلَّنِيْ عَنِ الذِّكْرِ بَعْدَ اِذْ جَاۤءَنِيْۗ وَكَانَ الشَّيْطٰنُ لِلْاِنْسَانِ خَذُوْلًا   ( الفرقان: ٢٩ )

Verily
لَّقَدْ
अलबत्ता तहक़ीक़
he led me astray
أَضَلَّنِى
उसने भटका दिया मुझे
from
عَنِ
ज़िक्र (क़ुरआन) से
the Reminder
ٱلذِّكْرِ
ज़िक्र (क़ुरआन) से
after
بَعْدَ
बाद इसके कि
[when]
إِذْ
जब
it (had) come to me
جَآءَنِىۗ
वो आया मेरे पास
And is
وَكَانَ
और है
the Shaitaan
ٱلشَّيْطَٰنُ
शैतान
to the man
لِلْإِنسَٰنِ
इन्सान को
a deserter"
خَذُولًا
छोड़ देने वाला

Laqad adallanee 'ani alththikri ba'da ith jaanee wakana alshshaytanu lilinsani khathoolan (al-Furq̈ān 25:29)

Muhammad Faruq Khan Sultanpuri & Muhammad Ahmed:

उसने मुझे भटकाकर अनुस्मृति से विमुख कर दिया, इसके पश्चात कि वह मेरे पास आ चुकी थी। शैतान तो समय पर मनुष्य का साथ छोड़ ही देता है।'

English Sahih:

He led me away from the remembrance after it had come to me. And ever is Satan, to man, a deserter." ([25] Al-Furqan : 29)

1 Suhel Farooq Khan/Saifur Rahman Nadwi

बेशक यक़ीनन उसने हमारे पास नसीहत आने के बाद मुझे बहकाया और शैतान तो आदमी को रुसवा करने वाला ही है