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अस-शुआरा आयत १०२ | Ash-Shu’ara 26:102

Then if
فَلَوْ
पस काश
that
أَنَّ
ये कि (होता)
we had
لَنَا
हमारे लिए
a return
كَرَّةً
एक बार पलटना
then we could be
فَنَكُونَ
तो हम होते
of
مِنَ
ईमान लाने वालों में से
the believers"
ٱلْمُؤْمِنِينَ
ईमान लाने वालों में से

Falaw anna lana karratan fanakoona mina almumineena

Muhammad Faruq Khan Sultanpuri & Muhammad Ahmed:

क्या ही अच्छा होता कि हमें एक बार फिर पलटना होता, तो हम मोमिनों में से हो जाते!'

English Sahih:

Then if we only had a return [to the world] and could be of the believers..."

1 | Suhel Farooq Khan/Saifur Rahman Nadwi

तो काश हमें अब दुनिया में दोबारा जाने का मौक़ा मिलता तो हम (ज़रुर) ईमान वालों से होते

2 | Azizul-Haqq Al-Umary

तो यदि हमें पुनः संसार में जाना होता,[1] तो हम ईमान वालों में हो जाते।