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وَلَنْ تَسْتَطِيْعُوْٓا اَنْ تَعْدِلُوْا بَيْنَ النِّسَاۤءِ وَلَوْ حَرَصْتُمْ فَلَا تَمِيْلُوْا كُلَّ الْمَيْلِ فَتَذَرُوْهَا كَالْمُعَلَّقَةِ ۗوَاِنْ تُصْلِحُوْا وَتَتَّقُوْا فَاِنَّ اللّٰهَ كَانَ غَفُوْرًا رَّحِيْمًا  ( النساء: ١٢٩ )

And never
وَلَن
और हरगिज़ नहीं
will you be able
تَسْتَطِيعُوٓا۟
तुम इस्तिताअत रख सकते
to
أَن
कि
deal justly
تَعْدِلُوا۟
तुम अदल करो
between
بَيْنَ
दर्मियान
[the] women
ٱلنِّسَآءِ
बीवियों के
even if
وَلَوْ
और अगरचे
you desired
حَرَصْتُمْۖ
तुम हिर्स करो
but (do) not
فَلَا
तो ना
incline
تَمِيلُوا۟
तुम माइल हो जाओ
(with) all
كُلَّ
मुकम्मल
the inclination
ٱلْمَيْلِ
माइल हो जाना
and leave her (the other)
فَتَذَرُوهَا
कि तुम छोड़ दो उसे
like the suspended one
كَٱلْمُعَلَّقَةِۚ
मानिन्द लटकती हुई (शै) के
And if
وَإِن
और अगर
you reconcile
تُصْلِحُوا۟
तुम इस्लाह / सुलह करो
and fear (Allah)
وَتَتَّقُوا۟
और तुम तक़वा करो
then indeed
فَإِنَّ
तो बेशक
Allah
ٱللَّهَ
अल्लाह
is
كَانَ
है
Oft-Forgiving
غَفُورًا
बहुत बख़्शने वाला
Most Merciful
رَّحِيمًا
निहायत रहम करने वाला

Walan tastatee'oo an ta'diloo bayna alnnisai walaw harastum fala tameeloo kulla almayli fatatharooha kaalmu'allaqati wain tuslihoo watattaqoo fainna Allaha kana ghafooran raheeman (an-Nisāʾ 4:129)

Muhammad Faruq Khan Sultanpuri & Muhammad Ahmed:

और चाहे तुम कितना ही चाहो, तुममें इसकी सामर्थ्य नहीं हो सकती कि औरतों के बीच पूर्ण रूप से न्याय कर सको। तो ऐसा भी न करो कि किसी से पूर्णरूप से फिर जाओ, जिसके परिणामस्वरूप वह ऐसी हो जाए, जैसे उसका पति खो गया हो। परन्तु यदि तुम अपना व्यवहार ठीक रखो और (अल्लाह से) डरते रहो, तो निस्संदेह अल्लाह भी बड़ा क्षमाशील, दयावान है

English Sahih:

And you will never be able to be equal [in feeling] between wives, even if you should strive [to do so]. So do not incline completely [toward one] and leave another hanging. And if you amend [your affairs] and fear Allah – then indeed, Allah is ever Forgiving and Merciful. ([4] An-Nisa : 129)

1 Suhel Farooq Khan/Saifur Rahman Nadwi

और अगरचे तुम बहुतेरा चाहो (लेकिन) तुममें इतनी सकत तो हरगिज़ नहीं है कि अपनी कई बीवियों में (पूरा पूरा) इन्साफ़ कर सको (मगर) ऐसा भी तो न करो कि (एक ही की तरफ़) हमातन माएल हो जाओ कि (दूसरी को अधड़ में) लटकी हुई छोड़ दो और अगर बाहम मेल कर लो और (ज्यादती से) बचे रहो तो ख़ुदा यक़ीनन बड़ा बख्शने वाला मेहरबान है