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अज़-ज़ारियात आयत १८ | Adh-Dhariyat 51:18

And in the hours before dawn
وَبِٱلْأَسْحَارِ
और सहरी के वक़्त
they
هُمْ
वो
would ask forgiveness
يَسْتَغْفِرُونَ
वो असतग़फ़ार करते थे

Wabialashari hum yastaghfiroona

Muhammad Faruq Khan Sultanpuri & Muhammad Ahmed:

और वही प्रातः की घड़ियों में क्षमा की प्रार्थना करते थे

English Sahih:

And in the hours before dawn they would ask forgiveness,

1 | Suhel Farooq Khan/Saifur Rahman Nadwi

और पिछले पहर को अपनी मग़फ़िरत की दुआएं करते थे

2 | Azizul-Haqq Al-Umary

तथा भोरों[1] में क्षमा माँगते थे।