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فَاكِهِيْنَ بِمَآ اٰتٰىهُمْ رَبُّهُمْۚ وَوَقٰىهُمْ رَبُّهُمْ عَذَابَ الْجَحِيْمِ  ( الطور: ١٨ )

Enjoying
فَٰكِهِينَ
मज़े करने वाले होंगे
in what
بِمَآ
साथ उसके जो
has given them
ءَاتَىٰهُمْ
अता किया उन्हें
their Lord
رَبُّهُمْ
उनके रब ने
and protected them
وَوَقَىٰهُمْ
और बचा लेगा उन्हें
their Lord
رَبُّهُمْ
रब उनका
(from the) punishment
عَذَابَ
अज़ाब से
(of) Hellfire
ٱلْجَحِيمِ
जहन्नम के

Fakiheena bima atahum rabbuhum wawaqahum rabbuhum 'athaba aljaheemi (aṭ-Ṭūr 52:18)

Muhammad Faruq Khan Sultanpuri & Muhammad Ahmed:

जो कुछ उनके रब ने उन्हें दिया होगा, उसका आनन्द ले रहे होंगे और इस बात से कि उनके रब ने उन्हें भड़कती हुई आग से बचा लिया -

English Sahih:

Enjoying what their Lord has given them, and their Lord protected them from the punishment of Hellfire. ([52] At-Tur : 18)

1 Suhel Farooq Khan/Saifur Rahman Nadwi

जो (जो नेअमतें) उनके परवरदिगार ने उन्हें दी हैं उनके मज़े ले रहे हैं और उनका परवरदिगार उन्हें दोज़ख़ के अज़ाब से बचाएगा